संभल के पीसीयू सेंटर पर किसानों का हंगामा, गेहूं खरीद में भ्रष्टाचार और बदसलूकी के आरोप

किसानों के अनुसार, जुनावई कस्बे में एक निजी मकान में संचालित पीसीयू सेंटर पर गेहूं खरीद की प्रक्रिया अव्यवस्थित है। गेहूं लेकर पहुंचे किसानों को घंटों इंतजार कराया जा रहा है, लेकिन उनकी उपज की खरीद नहीं की जा रही।

संभल के पीसीयू सेंटर पर किसानों का हंगामा, गेहूं खरीद में भ्रष्टाचार और बदसलूकी के आरोप
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

संभल से रामब्रेस यादव की रिपोर्ट —

संभल/जनमत न्यूज। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन संभल जिले की गुन्नौर तहसील के जुनावई स्थित पीसीयू सेंटर पर जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई दे रही है। किसानों ने सेंटर संचालकों पर भ्रष्टाचार, मनमानी और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

किसानों के अनुसार, जुनावई कस्बे में एक निजी मकान में संचालित पीसीयू सेंटर पर गेहूं खरीद की प्रक्रिया अव्यवस्थित है। गेहूं लेकर पहुंचे किसानों को घंटों इंतजार कराया जा रहा है, लेकिन उनकी उपज की खरीद नहीं की जा रही। आरोप है कि किसानों से कहा जा रहा है कि पहले वे खुद भंडारण के लिए बैग की व्यवस्था करें, तभी गेहूं खरीदा जाएगा।

किसानों ने बताया कि कई दिनों से सेंटर के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी फसल नहीं खरीदी गई, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था किसानों को राहत देने के लिए बनाई थी, लेकिन पीसीयू सेंटर पर फैली अव्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार के कारण अन्नदाता दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

ग्रामीण किसानों ने आरोप लगाया कि सेंटर संचालक नियमों का हवाला देकर खरीद प्रक्रिया टाल रहे हैं और किसानों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। इससे क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि किसानों के साथ हो रही इस मनमानी पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा और क्या भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के सरकारी दावे ऐसे ही धरातल पर दम तोड़ते रहेंगे।

मामले को गंभीरता से लेते हुए Sanjeev Rai, जिला विपणन अधिकारी संभल ने जांच कर संबंधित केंद्र संचालक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। किसानों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।