बलरामपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला, अश्लील वीडियो के नाम पर युवक से ऐंठे 9.42 लाख रुपये
उप्र के बलरामपुर जनपद में साइबर ठगों की चालाकी और लोगों में बढ़ते डर का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट
बलरामपुर/जनमत न्यूज। उप्र के बलरामपुर जनपद में साइबर ठगों की चालाकी और लोगों में बढ़ते डर का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां साइबर अपराधियों ने अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाकर एक युवक को इतना मानसिक दबाव में डाल दिया कि उसने अलग-अलग किस्तों में 9 लाख 42 हजार 200 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। जब ठगी का एहसास हुआ तो पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार रेहरा बाजार क्षेत्र के ग्राम बंजरिया हुसैन निवासी इश्तियाक अली ने 13 फरवरी को साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि 20 जनवरी को उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया।
कॉल करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए आरोप लगाया कि उनके मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो देखा गया है और इस संबंध में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। आरोपी ने कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते हुए मामले को रफा-दफा कराने का लालच भी दिया।
फोन के बाद इश्तियाक को लगातार अलग-अलग नंबरों से कॉल और व्हाट्सएप मैसेज आने लगे। आरोपियों ने डराने-धमकाने के साथ-साथ अश्लील वीडियो और केस दर्ज होने की बात कहकर मानसिक दबाव बनाया।
इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजा गया और तत्काल पैसा भेजने का दबाव डाला गया। बदनामी और कार्रवाई के डर से घबराए युवक ने 20 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच कई बैंक खातों में कुल 9,42,200 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बताया जा रहा है कि रकम जुटाने के लिए पीड़ित ने अपने कुछ परिचितों से भी उधार लिया। उसने दोस्तों को यह कहकर भरोसा दिलाया कि वह विदेश जाकर कमाई करेगा और पैसा लौटा देगा।
लगातार बढ़ती मांग और संदिग्ध गतिविधियों के बाद जब उसे ठगी का एहसास हुआ तो उसने 8 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरबी) पर शिकायत दर्ज कराई।
साइबर अपराध थाने के प्रभारी आरपी यादव ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस टीम बैंक खातों, कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जिन नंबरों और खातों में रकम भेजी गई है, उनकी तकनीकी पड़ताल की जा रही है ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।
इस घटना के बाद जिले में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या क्यूआर कोड पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति डराकर या धमकाकर पैसा मांगता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में सूचना दें।
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर ठग अब डर और बदनामी को हथियार बनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत कानूनी मदद लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

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