बांदा: सांडी मौरम खण्ड 60, एआर कंस्ट्रक्शन ने केन की जलधारा को बांधकर बनाया पुल

उप्र के बांदा जिले में चल रही दो दर्जन मौरम खदानों के हाल बेहाल है। जिनमें सर्वाधिक थाना मटौंध के ग्राम मरौली से अवैध खनन को कुख्यात खंड 5,4,6 में दिनरात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि धूमिल की जा रही है। 

बांदा: सांडी मौरम खण्ड 60, एआर कंस्ट्रक्शन ने केन की जलधारा को बांधकर बनाया पुल
Published By- Diwaker Mishra

बांदा से आशीष सागर दीक्षित की रिपोर्ट

बांदा/जनमत न्यूज़। उप्र के बांदा जिले में चल रही दो दर्जन मौरम खदानों के हाल बेहाल है। जिनमें सर्वाधिक थाना मटौंध के ग्राम मरौली से अवैध खनन को कुख्यात खंड 5,4,6 में दिनरात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि धूमिल की जा रही है। 

यहां अभी चल रही तीन मौरम खदान में क्रमशः खंड 5 को जुर्माने के लिए विख्यात संजीव गुप्ता चलाते है। जबकि हाल ही में शुरू की गई मौरम खंड 6 को पट्टेधारक आनंद गुप्ता एवं बलवंत सिंह परिहार उर्फ गुड्डू सिंह (निवादा) हमीरपुर, संचालित कर रहें है।

यहां यह बतलाना आवश्यक है कि बलवंत सिंह परिहार के परिवार से दो लोग बड़े अफसर है। बेहद गरीबी में पले बढ़े बलवंत सिंह परिहार उर्फ गुड्डू सिंह मौरम कारोबार से कद्दावर बने है। मरौली खंड 6 का रास्ता देहात कोतवाली क्षेत्र के लुकतरा मार्ग से भी है।

वहीं मरौली के खण्ड 4 को नुनु झा चला रहे है । यह स्वयं को कथित मीडिया बंधु भी प्रचारित कर रहें है। ग्राम मरौली में विगत पिछले चार वर्षों से अवैध खनन की इबारत जुर्माने के साथ साथ लिखी जा रही है लेकिन गांव मरौली और चट,चटगन के बीच केन नदी का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है।

यहां किसानों के खेतों का रास्ता पलट गया है। वहीं किसान खुद भी फर्जी तरीके से खदान पट्टेधारकों को अनुबन्धों के तहत बिना जिलाधिकारी स्वीकृति के खेतिहर भूमि से मौरम निकासी करा रहें है।

ग्राम सांडी के मौरम खंड 60 में केन नदी पर अवैध पुल और एनजीटी की साख पर बट्टा

बांदा की पैलानी तहसील अंतर्गत ग्राम सांडी खंड 60 में एआर कंस्ट्रक्शन मौरम खंड चला रहें है। महज दो सप्ताह पूर्व शुरू हुई इस मौरम खदान की संचालक फर्म सूचना बोर्ड मुताबिक अनीता शर्मा है। यह खदान भी "पंडित जी" के नाम से प्रचारित है। गौरतलब है कि मौरम खंड 60 में लगे सूचना बोर्ड पर गौर करें तो पट्टे की अवधि कब से कब तक है यह अंकित नहीं किया गया है।

 वहीं गांव के खेतिहर किसानों एवं जानकारों की मानें तो मौरम खंड 60 संचालक के शागिर्दों ने केन नदी की जलधारा में गर्मी के मौसम पर परिवहन निकासी को अवैध पुल बना लिया है। केन नदी के कैचमेंट क्षेत्र पर यहां भारी लोहे की प्लेट, बोल्डर और मिट्टी डालकर कच्ची सड़क मे तब्दील की गई है।

इस अवैध पुल से बड़े परिवहन लाल मौरम लादकर आवागमन कर रहें है। वहीं एनजीटी द्वारा प्रतिबंधित अर्थ मूविंग मशीनों मसलन कई पोकलैंड को केन की जलधारा में सीधे उतारकर बालू, मौरम निकासी की जा रही है। आज 30 मार्च के यह फोटोग्राफ और वीडियो स्थानीय किसान ने स्वयं लिए है।

मौके पर उन्हें देखते ही पोकलैंड मशीनों के ब्रेक थम गए। वहीं दो गाड़ियों में लीज होल्डर के कर्मचारी वीडियो बनाने से रोकने को मौके पर पहुंच गए थे। यहां बतलाते चले कि ग्राम सांडी के मजरा बगीचा डेरा में केन नदी गर्मी के ऋतु में बेहद जेके संकट से जूझती है। नदी को पैदल चलकर ही पार किया जा सकता है।

ऐसे में ग्राम सांडी के अंदर ही गत सप्ताह शुरू हुई मौरम खदान खंड 1 का जलजला भी कमतर नहीं है। गाजियाबाद के वैशाली क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले अंकित सिंह इसके संचालक बतलाए गए है। वे फिलहाल बांदा एक पत्रकार महेश द्विवेदी सहित अन्य दस लोगों पर फर्जी मुकदमों बाजी कराने को लेकर चर्चा मे है।

सबसे बड़ी बात है कि यह मौरम खंड 1 केन कैनाल के समीप है जिससे रातदिन के भारी खनन से आसपास के गांवों का पेयजल और सिंचाई संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। विडम्बना देखिए कि मध्यप्रदेश से निकली केन नदी पर यूपी की सरहद पर दो दर्जन और मध्यप्रदेश के पन्ना, छतरपुर को मिलाकर करीब 41 खनन पट्टे चल रहे है।

अर्थात बुंदेलखंड की जीवनरेखा केन नदी को जगह, जगह मौरम उत्खनन से बेपरवाह छलनी किया जा रहा है। जिससे केन नदी का भविष्य खतरे में है। उधर शहर के चार सीवेज नालों से केन नदी पहले ही प्रदूषित हो रही है।

क्या खनिज अधिकारी की मनमर्ज़ी से यह होता है

सवाल यह है कि क्या सांडी मौरम खंड 60 और 1 में लीज होल्डर की मनमानी और पैलानी, जसपुरा के सिंधनकला, थाना मटौंध के ग्राम मरौली से बबेरू के मरका, गिरवा क्षेत्र के रामपुर,चंदला तक फैला लाल मौरम लीज पर वैध की आड में अवैध खनन सम्राज्य यूपी और एमपी के खनिज अधिकारी पालन पोषण कर रहे है ?

वैसे बांदा के खान अधिकारी जब एनजीटी की टीम को गुमराह कर सकते है तब स्थानीय प्रशासन को अंधेरे में रखना कौन सा बड़ा चमत्कार है। अलबत्ता मौरम खंड 60 और खंड 1 का रुतबा तो देखते बन रहा है।