उरई नगर पालिका में सभासदों का धरना, ईओ पर करोड़ों के घोटाले के लगाए आरोप
उप्र के उरई नगर पालिका में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को ईओ और सभासदों के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद मंगलवार को मामला धरने तक पहुंच गया।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई नगर पालिका में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को ईओ और सभासदों के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद मंगलवार को मामला धरने तक पहुंच गया। नगर पालिका परिसर में दर्जन भर से अधिक सभासद धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की।
धरने पर बैठे सभासदों ने अधिशासी अधिकारी रामअचल कुरील पर करोड़ों रुपये के घोटाले, मनमानी और जानकारी छिपाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। सभासदों का कहना है कि नगर पालिका में कई कार्यों में भारी अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन जानकारी मांगने पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।
सभासदों ने आरोप लगाया कि ई-निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी कर चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया और करोड़ों रुपये के भुगतान किए गए। उन्होंने कहा कि भुगतान और टेंडरों से जुड़े रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से सामने नहीं रखे जा रहे।
जिलाधिकारी को भेजे गए शिकायती पत्र में फरवरी 2026 में जारी ई-निविदाओं से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी गई है। सभासदों ने पूछा है कि किन-किन फर्मों ने निविदा में हिस्सा लिया और किसे ठेका दिया गया।
इसके अलावा वर्ष 2024-25 और 2025-26 में रैन बसेरों की निविदा प्रक्रिया, शेल्टर होम, मेडिकल कॉलेज और अन्य मदों में हुए भुगतान का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई है।
सभासदों ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नई निविदा प्रक्रिया शुरू करने और बोर्ड फंड से हुए खर्चों का स्टेटमेंट उपलब्ध कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जवाब नहीं मिला तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले सोमवार को नगर पालिका परिसर में ईओ और सभासदों के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। अब दूसरे दिन शुरू हुए धरने ने पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल उरई नगर पालिका का यह विवाद जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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