उरई के इतिहास को सम्मान देने की मांग, पहली लोकसभा आवाज़ को अमर करने की पहल

उरई के इतिहास को पुनर्जीवित करने की आवाज़ एक बार फिर वर्तमान में सुनाई दी। प्रबुद्ध नागरिकों ने जिले के पहले लोकसभा सदस्य लोटन राम चौधरी की स्मृति को स्थायी सम्मान देने की मांग उठाई।

उरई के इतिहास को सम्मान देने की मांग, पहली लोकसभा आवाज़ को अमर करने की पहल
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई /जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद के इतिहास को पुनर्जीवित करने की आवाज़ एक बार फिर वर्तमान में सुनाई दी। प्रबुद्ध नागरिकों ने जिले के पहले लोकसभा सदस्य लोटन राम चौधरी की स्मृति को स्थायी सम्मान देने की मांग उठाई।

मुख्यालय पर उनकी प्रतिमा स्थापना को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया. लग रहा था कि मानो अतीत ने वर्तमान से अपने हिस्से का न्याय माँगा हो। इस सार्थक पहल में वरिष्ठ समाजसेवी चौधरी जयकरन सिंह, के पी सिंह, सुनील शर्मा, असद अहमद गुड्डूऔर मुन्ना यादव एकजुट दिखाई दिए।

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन द्वारा जिले में महापुरुषों की प्रतिमाएं, सिंह द्वार और सुंदरीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई। साथ ही इस अभियान को जिले के ऐतिहासिक संदर्भों से जोड़ने का आग्रह किया गया।

इस अवसर पर के पी सिंह ने कहा कि समाज में सकारात्मक चेतना के विकास के लिए आवश्यक है कि नई पीढ़ी अपने जनप्रतिनिधि इतिहास से परिचित हो। जिले के पहले सांसद लोटन राम चौधरी की प्रतिमा स्थापना इस दिशा में एक मजबूत कदम होगा, जो लोकतांत्रिक परंपराओं और जनसंघर्षों की याद को जीवित रखेगा।

इस मांग को सुनील शर्मा ने अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र के शुरुआती प्रतिनिधियों को सम्मान देना केवल अतीत को नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक चेतना को भी दिशा देता है।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए इसे नगर पालिका परिषद को अग्रसारित करने का आश्वासन दिया, जिससे इस ऐतिहासिक मांग को प्रशासनिक प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जा सके।