इलाज के साथ ही मानवीय संवेदना के प्रतीक हैं डॉ० भरत गज्जर
डॉ. भरत गज्जर आपका समर्पण, करुणा और अथक परिश्रम वास्तव में पूरे चिकित्सा समाज के लिए प्रेरणादायक है। आपने अपनी निस्वार्थ सेवा और संवेदनशील व्यवहार से यह आज के मशीन भरे युग में यह सिद्ध किया है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे पवित्र सेवाओं में से एक है।रोगियों के प्रति आपकी सहानुभूति, धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण उन्हें आधी बीमारी से पहले ही मुक्त कर देता है और कठिन परिस्थितियों में भी आपका संयम और दृढ़ निश्चय यह दर्शाता है कि आप अपने कर्तव्य के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं।समाज को आप जैसे कर्मठ, ईमानदार और दयालु चिकित्सकों पर गर्व है। आपका कार्य न केवल जीवन बचाता है, बल्कि अनगिनत परिवारों में खुशियाँ और उम्मीद भी लौटाता है।
रजनीश छबि, प्रधान संवाददाता, जनमत न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट ...
देश/विदेश (जनमत) : आज के समय में चिकित्सा केवल एक पेशा ही नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का माध्यम है। ऐसे दौर में डॉ. भरत गज्जर जैसे चिकित्सक मानवता की सच्ची मिसाल बनकर सामने आते हैं। जो न केवल रोगों का उपचार करते हैं , बल्कि मरीजों के मन में विश्वास और आशा का संचार भी करते हैं। डॉ. गज्जर का मानना है कि हर मरीज सबसे पहले एक इंसान है—उसकी पीड़ा, डर और चिंताएँ उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी उसकी शारीरिक बीमारी। वो अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से आत्मीयता से पेश आतें हैं, उसकी समस्या को धैर्यपूर्वक सुनते हैं और सरल भाषा में समझाते हैं। यही संवेदनशीलता उन्हें एक सामान्य डॉक्टर से अलग पहचान देती है।
आज के नवीन युग में मरीजों के इलाज के दौरान मानवीय संवेदना का अर्थ केवल सहानुभूति जताना ही नहीं, बल्कि मरीजों की उस पीड़ा को महसूस कर उसे कम करने का प्रयास करना भी है। डॉ. भरत गज्जर अपने व्यवहार, समर्पण और सेवा भावना से यही संदेश देते हैं कि सच्चा चिकित्सक वही है, जो मरीज के शरीर के साथ-साथ उसके मन को भी स्वस्थ करने का प्रयास करता है. समाज को ऐसे संवेदनशील और सेवा-भाव से ओतप्रोत चिकित्सकों पर गर्व है। डॉ. गज्जर न केवल एक कुशल डॉक्टर हैं, बल्कि मानवता के सच्चे उपासक भी हैं। चूकि मरीज आसमय मिली बीमारी से जितना कष्ट सहता है उससे ज्यादा कष्ट उसे अचानक मिली पीड़ा के कारण मन के टूटने से होता है. चूकी दिखने वाले घाव समय के साथ जरूर भर जातें हैं लेकिन मानसिक अघात का इलाज एक डॉक्टर तब तक नहीं कर सकता जब तक वो मरीज से मानसिक रूप से जुड़ाव महसूस नहीं करता है. डॉ. भरत गज्जर पहले मानसिक अघात का इलाज करते हैं उसके बाद बिमारी का इलाज होता है क्योंकि मरीज आंतरिक रूप से ठीक हो जाए तो बाहरी आवरण को ठीक होने में समय नहीं लगता है.
वहीँ आज के समय में चिकित्सा को बाजार और मरीजो को एक पेशे के रूप में देखा जाता है. साथ ही आपातकाल की स्थिति में डॉक्टर ही हैं जो किसी भगवान् के स्वरूप में हमारे जीवन को बनाये रखने में सहायक होते हैं. वहीँ गुजरात की धरती पर जब बात आती है हड्डियों, जोड़ों और दर्द-मुक्त जीवन की —तो एक नाम विश्वास के साथ लिया जाता है…डॉ. भारत गज्जर जो अहमदाबाद के एक अनुभवी और सम्मानित डॉक्टर हैं। डॉ. गज्जर शैल्बी हॉस्पिटल, अहमदाबाद में एक अनुभवी ऑर्थोपेडिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन हैं, जिन्होंने हजारों मरीजों को दर्द से राहत और फिर से चलने-फिरने की आज़ादी दी है। एक प्रकार से मरीजों को आत्मनिर्भर बनाया.
डॉ. भारत गज्जर का मानना है कि डॉक्टर का काम सिर्फ दवाइयाँ लिखना नहीं होता, बल्कि मरीज को मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी उतना ही जरूरी है। वे हर मरीज से धैर्यपूर्वक बात करते हैं, उनकी बीमारी के कारण और इलाज को आसान शब्दों में समझाते हैं। इसी वजह से मरीज और उनके परिवार के लोग उन पर पूरा भरोसा करते हैं। एक तरह से परिवार के सदस्य के रूप में मरीज से जुड़कर इलाज करते हैं, जो चिकित्सा के पेशे में शायद ही कोई आज के समय में कर पाता है.
डॉ. भरत गज्जर कहते हैं: “दर्द को अपनी ज़िंदगी पर हावी न होने दें। समय पर सही इलाज आपको फिर से चलने की आज़ादी दे सकता है।”डॉ. गज्जर देश-विदेश के मरीजों की सेवा करते हुए चिकित्सा जागरूकता कार्यक्रमों, स्वास्थ्य शिविरों और परामर्श सेवाओं में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनका उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि लोगों को दर्द-मुक्त और सक्रिय जीवन की ओर लौटाना है।डॉ. भारत गज्जर अपने ज्ञान, अनुभव और करुणा के कारण ऑर्थोपेडिक चिकित्सा क्षेत्र में एक प्रेरणास्रोत हैं। शैल्बी हॉस्पिटल के साथ उनका योगदान भारत को जॉइंट रिप्लेसमेंट के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक रहा है।आज वास्तविकता में देखा जाए तो एक बेहतर डॉक्टर वो नहीं जो बड़ी बड़ी डिग्रियां लेकर इलाज को एक पेशे के रूप में स्वीकार और मरीज को एक ग्राहक के रूप में देखकर करता है, बल्कि एक सच्चा डॉक्टर केवल रोगों का उपचार नहीं करता, बल्कि वह आशा, विश्वास और मरीजों में जीवन का संचार करता है। एक तरह से मरीज के भीतर एक नयी पौध रोपता है जो मरीज के भीतर एक नवीन उर्आजा का संचार करते हैं.
डॉ. भरत गज्जर आपका समर्पण, करुणा और अथक परिश्रम वास्तव में पूरे चिकित्सा समाज के लिए प्रेरणादायक है। आपने अपनी निस्वार्थ सेवा और संवेदनशील व्यवहार से यह आज के मशीन भरे युग में यह सिद्ध किया है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे पवित्र सेवाओं में से एक है।रोगियों के प्रति आपकी सहानुभूति, धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण उन्हें आधी बीमारी से पहले ही मुक्त कर देता है और कठिन परिस्थितियों में भी आपका संयम और दृढ़ निश्चय यह दर्शाता है कि आप अपने कर्तव्य के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं।समाज को आप जैसे कर्मठ, ईमानदार और दयालु चिकित्सकों पर गर्व है। आपका कार्य न केवल जीवन बचाता है, बल्कि अनगिनत परिवारों में खुशियाँ और उम्मीद भी लौटाता है।

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