एटा: सवर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी कानून के विरोध में सौंपा ज्ञापन, सरकार को दी चेतावनी
एटा जिले में सवर्ण समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया है। एटा के धरना स्थल पर सवर्ण समाज के लोग एकत्रित हुए और उन्होंने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी कानून वापस लेने की मांग उठाई है।
एटा से नंद कुमार की रिपोर्ट
एटा/जनमत न्यूज़। उप्र के एटा जिले में सवर्ण समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया है। एटा के धरना स्थल पर सवर्ण समाज के लोग एकत्रित हुए और उन्होंने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी कानून वापस लेने की मांग उठाई है।
राष्ट्रीय हिंदू महासभा के बैनर तले ये ज्ञापन सौंपा गया है। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया और तानाशाही नहीं चलेगी नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी सतीश कुमार को लिखित शिकायती पत्र सौंपा है।
काला कानून वापस लो के नारे लगाते हुए यूजीसी कानून को वापस लेने की सवर्णों ने पुरजोर मांग उठाई है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री के नाम लिखित ज्ञापन उपजिलाधिकारी अतिरिक्त सतीश कुमार को लिखित ज्ञापन सौंपा गया है।
राष्ट्रीय हिंदू महासभा और सवर्ण समाज के पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से ये प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया है। सवर्ण समाज के लोग एकत्रित होकर एटा कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने विरोध जताया व जमकर नारेबाजी की।
हाथ में तख्तियां थाम कर यूजीसी एक्ट बायकाट के पोस्टर थामे युवाओं ने सरकार का जमकर विरोध किया। इस दौरान युवाओं में खास रोष देखने को मिला है। उन्होंने मांग उठाई है कि सरकार ये कानून वापस ले अन्यथा की स्थिति में उग्र आंदोलन किया जायेगा।
ज्ञापन सौंपने आए तरुण शर्मा ने जानकारी देते बताया कि यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज के लोग एकत्रित हुए है और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपने आए है। यूजीसी कानून को वापस करने की मांग की है। ये जो कानून है विघटनकारी कानून है। हिंदू समाज को बांटने बाला कानून है। अन्यथा की स्थिति में इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा सारा समाज सड़कों पर होगा।
ज्ञापन सौंपने बालों में हरेंद्र कुमार, कौशल किशोर पाण्डेय, मोहित पाठक, रॉकी चौहान, करन शर्मा, निखिल उपाध्याय, संदीप वशिष्ठ, निपेंद्र चौहान, वीरेंद्र पांडेय शामिल रहे।

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