वेतवा नदी में आधा दर्जन लिफ्टर से हो रहा खनन, विभाग मौन

उरई तहसील के खरका मौरंग खंड संख्या-6 में नियमों को ताक पर रखकर खनन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं।

वेतवा नदी में आधा दर्जन लिफ्टर से हो रहा खनन, विभाग मौन
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट —

उरई/जनमत न्यूज। अमीर बनने की चाह में जिले में मौरंग खनन का अवैध कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। माना जाता है कि इस धंधे में वही लोग टिक पाते हैं जिनके पास ताकत और धन दोनों हों। चित्रकूट जिले के पटेल मित्र बंधु इसका ताजा उदाहरण बताए जा रहे हैं, जिन पर उरई तहसील के खरका मौरंग खंड संख्या-6 में नियमों को ताक पर रखकर खनन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं।

आरोप है कि पटेल मित्र बंधुओं ने किसी तरह खरका मौरंग खंड संख्या-6 की स्वीकृति हासिल की और इसके बाद खनन के लिए प्रतिबंधित लिफ्टर मशीनों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। जबकि नियमों के अनुसार नदी की धारा में लिफ्टर डालकर खनन करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। बताया जा रहा है कि पटेल मित्र बंधु स्वयं को प्रदेश सरकार के एक कद्दावर जातीय मंत्री का करीबी रिश्तेदार बताकर परिचय देते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी कथित रसूख के चलते उन्हें खुलेआम खनन की छूट मिलने की चर्चा खनन कार्यालय तक में है।

वर्तमान में खरका मौरंग खंड संख्या-6 में आधा दर्जन से अधिक लिफ्टरों के माध्यम से मौरंग निकाली जा रही है। इसके साथ ही हैवी पोकलैंड मशीनों से नदी के तल को एक छोर से दूसरे छोर तक असीमित गहराई तक खोदा जा रहा है, जिससे वेतवा नदी का प्राकृतिक स्वरूप बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नियमों के अनुसार नदी के तल से तीन मीटर से अधिक गहराई तक खुदाई की अनुमति नहीं है, लेकिन मौके पर लगभग दस मीटर तक खुदाई होने की बात सामने आ रही है।

सूत्रों के मुताबिक, पटेल मित्र बंधुओं ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर बड़े-बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें साझा कर रखी हैं, ताकि लोगों में भय बना रहे और कोई विरोध न कर सके। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण और किन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से लिफ्टर और भारी मशीनों के जरिए यह खनन कराया जा रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों की चुप्पी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस मामले में जिला खनिज अधिकारी शनि कौशल ने बताया कि लिफ्टर से खनन करना अपराध की श्रेणी में आता है और नदी के तल में लिफ्टर उतारना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि खरका मौरंग खंड संख्या-6 में ऐसा पाया जाता है तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।