फतेहपुर में AI आधारित स्मार्ट वैक्सीनेशन सिस्टम से बच्चों का टीकाकरण, DM ने खुद डेवलप किया सॉफ्टवेयर
उप्र के फतेहपुर जिले का आकांक्षी ब्लॉक हथगाम यूपी का पहला ब्लॉक है जहाँ बच्चों के टीकाकरण की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए हो रही है।
फतेहपुर से भीमशंकर की रिपोर्ट
फतेहपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के फतेहपुर जिले का आकांक्षी ब्लॉक हथगाम यूपी का पहला ब्लॉक है जहाँ बच्चों के टीकाकरण की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए हो रही है। जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। इस एआई तकनीक की मदद से तीन माह में लगभग 95 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों टीकाकरण रियल टाइम सम्भव हो सका है।
जिलाधिकारी रविंद्र सिंह द्वारा खुद विकसित किए गए इस एआई बेस्ड ‛स्मार्ट वैक्सीनेशन ट्रैकिंग सिस्टम’ ऐप के सफल पायलट प्रोजेक्ट ने आकांक्षी ब्लॉक हथगाम में टीकाकरण की दर को 95 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है।
यह पहल न केवल बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत बना रही है बल्कि सीएम के ‛डिजिटल यूपी’ विजन के तहत बच्चों के वैक्सीनेशन में एआई के इस्तेमाल करने वाला पहला जिला बन गया है।
जिले के हथगाम ब्लॉक में मिली शानदार सफलता को देखते हुए अब इस एआई आधारित व्यवस्था को जल्द ही पूरे फतेहपुर जिले में विस्तार देने की तैयारी है।
इसकी मदद से टीका लगवाने की तारीख याद रखने की ज़रूरत भी नहीं पड़ती है। बच्चों के टीकाकरण की जानकारी माता-पिता के मोबाइल व्हाट्सएप और टेक्स्ट मैसेज के जरिए तीन दिन पहले पहुंच जाती है।
इस व्यवस्था को सफल बनाने के लिए एएनएम, आशा, सीएचसी और पीएचसी कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी और आशा बहू को वैक्सीनेशन करने में बहुत मदद मिल रही है।
साथ ही विलेज हेल्थ एंड न्यूट्रिशन डे सत्र की जानकारी भी दी जा रही है ताकि जानकारी के अभाव में कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रहे। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी एनआईसी में डीआईओ के माध्यम से की जा रही है।
जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया कि आकांक्षी ब्लॉक हथगाम में एक ए आई बेस्ड टीकाकरण सिस्टम विकसित किया था तीन महीने में एक हज़ार से ज्यादा बच्चें एनरोल हो चुके है और 95 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों को समय से टीकाकरण सुनिश्चित कर पाए है और बाकि अन्य का धीरे-धीरे किया जा रहा है।
इस अभियान में एएनएम ने भी अपना सकारात्मक फ़ीडबैक दिया है क्योंकि इससे उनका काम आसान हो गया है। इसका सकारात्मक परिणाम मिला है अब इसे अन्य ब्लॉकों में भी धीरे-धीरे बढ़ाएंगे।
साथ ही जितने भी हमारे सिस्टम में पंजीकृत बच्चें है उनके माता पिता को जन्म के तीस दिन बाद एक मैसेज भी भेजते है जिसमें देखरेख के बारे में डिटेल्स से लिखा होता है। इसके अलावा एक एनजीओ के माध्यम से एक मिनट का एक वीडियो भी डेवलप कराया था जिसको हम लोग शेयर करते है।

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