लखीमपुर खीरी: हाईकोर्ट नोटिस के बाद भी चला JCB, कब्रिस्तान भूमि पर निर्माण से बवाल
उप्र के लखीमपुर खीरी के तहसील लखीमपुर सदर के अंतर्गत सैदापुर देवकली और सैदापुर भाउ में कब्रिस्तान की जमीन पर सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
लखीमपुर खीरी से लोकेंद्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी/जनमत न्यूज़। उप्र के लखीमपुर खीरी के तहसील लखीमपुर सदर के अंतर्गत सैदापुर देवकली और सैदापुर भाउ में कब्रिस्तान की जमीन पर सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सैदापुर भाउ में सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने के बाद वहां तक पहुंचने के लिए कई गाटा संख्याओं का अधिग्रहण किया गया, लेकिन राजस्व ग्राम सैदापुर देवकली की गाटा संख्या 750, जो अभिलेखों में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है, उसका अधिग्रहण नहीं किया गया।
इसके बावजूद प्रशासन द्वारा इसी गाटा संख्या 750 से सड़क निर्माण कराए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन मुस्लिम समुदाय के लोगों को दफन करने के लिए उपयोग में लाई जाती है, ऐसे में यहां निर्माण कार्य से धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
इस मामले को लेकर कब्रिस्तान पक्ष हाईकोर्ट पहुंच चुका है, जहां से नोटिस भी जारी हो चुका है। आरोप है कि नोटिस जारी होने के बावजूद ठेकेदार ने मनमानी करते हुए मौके पर JCB चलवाकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया।
हालांकि, जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई, वे मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। विरोध बढ़ने पर JCB को वापस ले जाया गया। इस पूरे घटनाक्रम से ग्रामीणों में भारी रोष है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि गाटा संख्या 750 पर हो रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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