प्रतापगढ़ की बेटी श्वेता द्विवेदी का कमाल, बिना कोचिंग यूपी पीसीएस में मिली 29वीं रैंक; बनी SDM
उप्र के प्रतापगढ़ जिले के छोटे से गांव पिपरी खालसा की रहने वाली श्वेता द्विवेदी ने “होनहार बिरवान के होत चिकने पात” कहावत को सच कर दिखाया है।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जिले के छोटे से गांव पिपरी खालसा की रहने वाली श्वेता द्विवेदी ने “होनहार बिरवान के होत चिकने पात” कहावत को सच कर दिखाया है।
सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बिना किसी कोचिंग के घर पर रहकर यूपी पीसीएस परीक्षा की तैयारी की और 29वीं रैंक हासिल कर SDM पद पर चयनित हुईं।
उनके पिता रवि कुमार द्विवेदी पेशे से अधिवक्ता हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। श्वेता ने मुनीश्वर दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय से स्नातक और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की, जहां वे गोल्ड मेडलिस्ट रहीं।
श्वेता द्विवेदी की सफलता मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। उन्होंने गांव में रहकर यूट्यूब और सेल्फ स्टडी के जरिए परीक्षा की तैयारी की। संसाधनों की कमी को उन्होंने कभी अपनी राह में रुकावट नहीं बनने दिया।
कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत की और अपने लक्ष्य को हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। श्वेता की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है।
उनके पिता, जो जिला कचहरी में अधिवक्ता हैं, बेटी की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। वहीं मां की आंखों में खुशी के आंसू हैं। परिवार का कहना है कि श्वेता ने अपने समर्पण और मेहनत से पूरे गांव का नाम रोशन किया है।
श्वेता द्विवेदी की सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत और लगन सच्ची हो, तो कोई भी सपना दूर नहीं होता। सच ही कहा गया है-“सपने उन्हीं के सच होते हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से नहीं हौसलों से उड़ान होती है।”

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