संभल से रामब्रेस यादव की रिपोर्ट —
सम्भल/जनमत न्यूज। असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूँ कबीर के बीच संभावित राजनीतिक गठबंधन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी दलों के बीच मतों का बंटवारा नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी का लक्ष्य नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से हटाने की दिशा में होना चाहिए।
सपा सांसद बर्क ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारों के दौरान हालात बिगड़े हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के अधिकारों का हनन हुआ है, ज़्यादती और अन्याय की घटनाएं बढ़ी हैं तथा कानून व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी की गई है।
बर्क ने कहा कि ऐसे समय में विपक्षी दलों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की आवश्यकता है। उनके अनुसार यदि विपक्षी मत बंटते हैं तो इसका सीधा लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा। इसलिए सभी दलों को मिलकर ऐसी रणनीति बनानी चाहिए जिससे भाजपा को राजनीतिक रूप से कमजोर किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी एकता को मजबूत करना समय की मांग है। बर्क के अनुसार आपसी सहयोग और साझा प्रयासों के माध्यम से ही भाजपा के खिलाफ मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार किया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति का उल्लेख करते हुए सपा सांसद ने ममता बनर्जी का समर्थन किया और कहा कि उनकी जीत आवश्यक है क्योंकि वह जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हों, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में सांप्रदायिक शक्तियों को रोकने के लिए विपक्षी एकजुटता बेहद महत्वपूर्ण है।
बर्क ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए विपक्ष को मिलकर कार्य करना होगा और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देनी होगी।