मिलक पट्टी में अवैध रूप से काटे गए कई पेड़, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

जिले की तहसील अमरिया क्षेत्र में पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला गांव मिलक पट्टी का है, जहां कथित रूप से गुपचुप तरीके से कई पेड़ों को काट दिया गया।

मिलक पट्टी में अवैध रूप से काटे गए कई पेड़, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

पीलीभीत से प्रेमदेव पाठक की रिपोर्ट —

पीलीभीत / जनमत न्यूज। प्रदेश सरकार जहां पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चला रही है, वहीं पीलीभीत जिले की तहसील अमरिया क्षेत्र में पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला गांव मिलक पट्टी का है, जहां कथित रूप से गुपचुप तरीके से कई पेड़ों को काट दिया गया।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को कुछ लोगों द्वारा विवादित जमीन पर खड़े पेड़ों को काट दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों को काटने के बाद उन्हें मौके से हटाकर दूसरी जगह रख दिया गया, ताकि मामले की भनक अधिकारियों या पुलिस तक न पहुंच सके।

मीडिया को सूचना मिलने के बाद जब मामले की पड़ताल की गई तो पता चला कि जिस जमीन पर पेड़ खड़े थे, वह दो पक्षों के बीच विवादित बताई जा रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर विवादित भूमि पर पेड़ काटने की अनुमति किसने दी। यदि किसी प्रकार की अनुमति नहीं थी, तो फिर खुलेआम पेड़ों का कटान कैसे कर दिया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध कटान की सूचना के बावजूद वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे विभाग की निष्क्रियता को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर पेड़ काटने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि वन विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।