बहराइच में दहशत का कारण बना तेंदुआ पिंजरे में हुआ कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

तेंदुआ दो दिन तक टीम को चकमा देता रहा, लेकिन तीसरे दिन मंगलवार की रात करीब 11 बजे शिकार की तलाश में भट्टा बरगद पुरवा गांव में घुसते समय वह पिंजरे में कैद हो गया।

बहराइच में दहशत का कारण बना तेंदुआ पिंजरे में हुआ कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

बहराइच से रिजवान खान की रिपोर्ट —

बहराइच/जनमत न्यूज। जनपद बहराइच के बिछिया क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। इस तेंदुए ने कुछ दिन पहले एक मासूम बच्चे की जान ले ली थी और एक युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।

जानकारी के अनुसार, मामला कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत निशानगाड़ा रेंज की ग्राम पंचायत कारीकोट के आजमगढ़ पुरवा और भट्टा बरगद पुरवा गांव का है। करीब चार दिन पहले आजमगढ़ पुरवा में तेंदुए ने सात वर्षीय मासूम पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। इसके अलावा भट्टा बरगद पुरवा में एक 20 वर्षीय युवक को भी घायल कर दिया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था।

घटनाओं के बाद वन विभाग की टीम लगातार तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुटी थी। निशानगाड़ा रेंज के रेंजर सुरेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में रविवार दोपहर आजमगढ़ पुरवा गांव निवासी जसवंत के खेत और भट्टा बरगद पुरवा में पिंजरा लगाया गया था। तेंदुआ दो दिन तक टीम को चकमा देता रहा, लेकिन तीसरे दिन मंगलवार की रात करीब 11 बजे शिकार की तलाश में भट्टा बरगद पुरवा गांव में घुसते समय वह पिंजरे में कैद हो गया।

तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और उसे देखने के लिए भीड़ जुट गई। वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तेंदुए को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से निशानगाड़ा रेंज कार्यालय पहुंचा दिया।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया है और आगे की प्रक्रिया के तहत उसे वन्यजीव क्षेत्र में छोड़े जाने या अन्य आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।

तेंदुए के पकड़े जाने के बाद आजमगढ़ पुरवा, भट्टा बरगद पुरवा और आसपास के गांवों में लोगों ने राहत की सांस ली है। पिछले कई दिनों से गांवों में फैली दहशत अब कम होती नजर आ रही है और ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना की है।