पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज ने लॉन्च की ‘इश्क करो पार्टी’,पद बांट दिए; CJP और अभिजीत दीपके पर साधा निशाना
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू ने ‘इश्क करो पार्टी’ के गठन का ऐलान किया। उन्होंने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की मांगों पर सवाल उठाते हुए बेरोजगारी, गरीबी और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।
नई दिल्ली/ जनमत न्यूज़:- देश में हाल ही में चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच अब एक और नए राजनीतिक संगठन की एंट्री हो गई है। भारत के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू ने ‘इश्क करो पार्टी’ (IKP) के गठन की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के लिए सदस्यता अभियान शुरू करने की जानकारी देते हुए इच्छुक लोगों से जुड़ने की अपील की है।
CJP समर्थकों से की नई पार्टी में शामिल होने की अपील
रविवार को जारी एक बयान में जस्टिस काटजू ने कहा कि जो लोग कॉकरोच जनता पार्टी के साथ जुड़े हैं, वे अपना समय वहां व्यर्थ न करें और इश्क करो पार्टी का हिस्सा बनें। उन्होंने बताया कि पार्टी जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय होगी।
काटजू ने स्वयं को पार्टी का संरक्षक बताते हुए कहा कि सदस्यता के लिए इच्छुक लोगों के लिए संपर्क व्यवस्था भी बनाई गई है।
अभिजीत दीपके की मांगों पर उठाए सवाल
पूर्व न्यायाधीश ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की आलोचना करते हुए कहा कि केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करना किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंत्री पद छोड़ भी दें तो उनकी जगह आने वाला व्यक्ति क्या अलग कर पाएगा।
44 वर्ष से अधिक आयु वालों को सदस्यता
काटजू के अनुसार, इश्क करो पार्टी में 44 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी के अध्यक्ष इरफान अली हैं और पात्र लोगों को संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां भी दी जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य बेरोजगारी, गरीबी, भूख, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और अन्य सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के खिलाफ जारी है CJP का आंदोलन
वहीं दूसरी ओर, अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
दीपके ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से देश की राजनीति धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, जबकि बेरोजगारी और शिक्षा जैसे गंभीर विषयों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
NEET और CBSE व्यवस्था पर भी उठे सवाल
उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के कथित पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में सामने आई खामियों ने छात्रों के बीच असंतोष बढ़ाया है। दीपके ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की।
गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के बैनर तले प्रदर्शन भी आयोजित किया गया था, जिसमें शिक्षा व्यवस्था और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

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