SGPGIMS के निदेशक की सार्थक पहल, साइकिल से कार्यालय जाकर सतत परिवहन का किया नेतृत्व
पद्मश्री प्रोफेसर राधा कृष्ण धीमन ने सतत परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आज 14 मई को SGPGIMS के निदेशक प्रोफेसर राधा कृष्ण धीमन ने अपने आवास से कार्यालय तक साइकिल चलाकर पर्यावरण के अनुकूल आवागमन के तरीकों का एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
स्पेशल रिपोर्ट अभिलाष भट्ट
लखनऊ/जनमत न्यूज़। कहते हैं जब समाज के प्रतिष्ठित व सम्मानित व्यक्ति किसी अच्छे कार्य की शुरुआत करते हैं तो वह पूरे समाज के लिए एक नज़ीर बनता है। ऐसी ही एक नज़ीर पेश की है लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS) के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर राधा कृष्ण धीमन ने।
पद्मश्री प्रोफेसर राधा कृष्ण धीमन ने सतत परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आज 14 मई को SGPGIMS के निदेशक प्रोफेसर राधा कृष्ण धीमन ने अपने आवास से कार्यालय तक साइकिल चलाकर पर्यावरण के अनुकूल आवागमन के तरीकों का एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उनकी यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई दूरदर्शी अपीलों के अनुरूप है, जिसमें वैश्विक संघर्षों के बीच ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग, साइकिलिंग और पैदल चलकर पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
इस अवसर पर प्रोफेसर धीमन ने कहा कि इस पहल के पहले चरण में संकाय, रेजिडेंट, कर्मचारियों और छात्रों को परिसर के अंदर और आसपास वाहनों के अनावश्यक उपयोग से बचने और जहां भी संभव हो, पैदल चलने या साइकिल से आवागमन करने को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल को बढ़ावा देने के लिए संस्थान, परिसर के प्रमुख प्रतिष्ठानों के पास 7-8 साइकिल स्टैंड स्थापित करने की योजना बना रहा है।
प्रोफेसर धीमन ने इस बात पर जोर दिया कि वाहनों पर निर्भरता कम करने से पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण और प्रदूषण के स्तर में कमी लाने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि साइकिल चलाना और पैदल चलना कर्मचारियों और छात्रों के स्वास्थ्य और शारीरिक तंदुरुस्ती में भी सुधार लाएगा।
विशेष रूप से परिसर से 3-4 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले कर्मचारियों से अपील करते हुए उन्होंने उनसे दैनिक आवागमन के लिए मोटर वाहनों का उपयोग न करने और इसके बजाय पैदल चलने या साइकिल चलाने को एक स्वस्थ और अधिक टिकाऊ विकल्प के रूप में अपनाने का आग्रह किया।
साइकिल चलाने को बढ़ावा देने के अलावा, डॉ. धीमन ने कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या कम करने और यातायात जाम को कम करने के लिए कारपूलिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
SGPGIMS को अपनी समृद्ध हरियाली, वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के लिए प्रसिद्ध "ग्रीन कैंपस" बताते हुए प्रोफेसर धीमन ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया।
उन्होंने आगे कहा कि जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता, वे स्वयं पर्यावरण संरक्षण के प्रति नेतृत्व, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में साइकिल से ही आवागमन करते रहेंगे।

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