महाराजगंज से कर्मेन्द्र तिवारी की रिपोर्ट —
हमीरपुर/जनमत न्यूज़। जिले में सोमवार को विधान परिषद के सभापति किरण पाल कश्यप के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम लखनऊ से हमीरपुर पहुंची। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान सभापति ने जनपद हमीरपुर एवं महोबा के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों व आम जनता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्रों पर की गई कार्रवाई की प्रगति का मूल्यांकन करना रहा।
समीक्षा बैठक के दौरान सभापति किरण पाल कश्यप ने करीब तीन सौ प्रार्थना पत्रों की बारीकी से जांच की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिन मामलों में लापरवाही या अनावश्यक देरी पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई गई।
सभापति ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की हिलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रार्थना पत्रों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता न हो, बल्कि समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
बैठक में हमीरपुर के जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, पुलिस अधीक्षक दीक्षा शर्मा, महोबा के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक सहित दोनों जनपदों के विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जनप्रतिनिधियों ने भी बैठक के दौरान अपने क्षेत्रों की समस्याओं को रखा, जिस पर सभापति ने अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के माध्यम से सभापति ने यह संदेश दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।