मुजफ्फरनगर में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस की पहल, संदेश- “...तो जल्दी किस बात की है”
इसी भावनात्मक संदेश के जरिए उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। सड़क पर कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी जिंदगीभर का दर्द बन सकती है। दिनभर की थकान के बाद जब कोई व्यक्ति अपने घर लौटता है, तो परिवार को उसके सुरक्षित पहुंचने का इंतजार रहता है। इसी भावनात्मक संदेश के जरिए उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है।
“ऑफिस से घर ही तो जा रहे हो, जल्दी किस बात की है?” पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे से जोड़कर प्रस्तुत यह संदेश वाहन चालकों को सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर कुछ मिनट जल्दी पहुंचने के लिए अपनी और दूसरों की जिंदगी जोखिम में डालना कितना उचित है।
मुजफ्फरनगर यातायात पुलिस का सड़क सुरक्षा से जुड़ा यह संदेश लोगों को जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने और सुरक्षित घर लौटने की याद दिलाता है।
वाहन चलाते समय जल्दबाजी, तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रत्येक वाहन चालक का यह दायित्व है कि वह सड़क पर अपनी सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की जिंदगी का भी ध्यान रखे।
यातायात नियमों का पालन करना, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करना सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय हैं।
जनपद मुजफ्फरनगर में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के स्तर से भी इस अभियान पर जोर दिया गया है।
जागरूकता का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि सड़क पर दिखाई गई थोड़ी-सी लापरवाही किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है।
एक जिम्मेदार चालक वही है, जो मंजिल तक पहुंचने से ज्यादा सुरक्षित पहुंचने को महत्व देता है।
देर से घर पहुंचना मंजूर है, लेकिन सुरक्षित घर पहुंचना जरूरी है। आपकी जिंदगी अनमोल है, क्योंकि घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।
मुजफ्फरनगर यातायात पुलिस का संदेश— यातायात नियम अपनाएं, रफ्तार पर नियंत्रण रखें और अपनों के लिए सुरक्षित घर लौटें।



