लखनऊ में अखिलेश यादव से मिले आजम खां, सपा सुप्रीमो ने X पर लिखी ये बात
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां आज शुक्रवार को लखनऊ में हैं। इस दौरान उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां आज शुक्रवार को लखनऊ में हैं। इस दौरान उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की जिसकी तस्वीरें सपा अध्यक्ष ने एक्स पर जारी की। इस मुलाकात में आजम के बेटे अब्दुल्ला भी मौजूद रहे।
X पर तस्वीरें पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा कि न जाने कितनी यादें संग ले आए
जब वो आज हमारे घर पर आए!
ये जो मेलमिलाप है यही हमारी साझा विरासत है।
न जाने कितनी यादें संग ले आए
जब वो आज हमारे घर पर आए!
ये जो मेलमिलाप है यही हमारी साझा विरासत है। pic.twitter.com/hPr56uCLFB — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 7, 2025
होटल में रुके आजम खां
आजम खां गुरुवार को लखनऊ पहुंचे और एक होटल में रुके। उन्होंने सपा के कुछ नेताओं से भी मुलाकात की। आजम खां के लखनऊ आने का कार्यक्रम काफी गुप्त रखा गया। इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई। वहां राजनेताओं खासकर सपाइयों के आने-जाने पर सरगर्मी बढ़ी और लोगों को इसकी जानकारी हुई।
उनसे मुलाकात करने वालों में पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा और मुख्तार अंसारी के बड़े भाई पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह को वहां देखा गया। वहीं, आजम खां ने हैदर अब्बास की लिखी पुस्तक 'सीतापुर की जेल डायरी' का विमोचन किया।
अगर भूमाफिया होता तो मेरे पास भी कोठी होती
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मैं भूमाफिया होता तो लखनऊ में मेरे पास भी कोठी होती। रामपुर में जहां रहता हूं बारिश में पानी भर जाता है। तंज करते हुए कहा कि सवाल मत पूछिये उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहतर है। 50 साल की सियासत के बावजूद लखनऊ में मेरी कोई कोठी नहीं है, फिर भी मुझे भूमाफिया घोषित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में आज भी जंगलराज है। इसके चलते वे वहां चुनाव प्रचार करने नहीं गए। जानवरों से लड़ने और जिनके पास सक्षम हथियार हैं, वही लोग वहां गए। उनके पास कोई सुरक्षा नहीं है। इसलिए वह उस जंगल तक नहीं गए।
उन्होंने कहा कि हम किसी राज्य को जंगल कहें यह तौहीन है। ऐसे अल्फाज के लिए जम्हूरियत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के बिहार में कट्टे को लेकर दिए बयान पर कहा कि अगर जानकारी है, तो बताएं कि कितने बरस कट्टा बिका।
हमारे यहां तो कट्टा बेचने वाले का बेटा विधायक हो गया। उसे केंद्र सरकार के गार्ड मिले हुए हैं। वर्ष 1975 में जो कट्टे के ड्रम के साथ गिरफ्तार हुआ, वह खुद विधायक बना और उसका बेटा आज विधायक है।

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