उरई: जन चौपाल की तैयारियों में बाधा डालने का आरोप, ग्राम पंचायत अधिकारी पवन तिवारी निलंबित
उप्र के जालौन में अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी पवन तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के जालौन में अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी पवन तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई खंड विकास अधिकारी जालौन व डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद की रिपोर्ट व जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व मुख्य विकास अधिकारी कुमुदेंन्द्र कलाकर सिंह के निर्देश पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, शासन के नोडल अधिकारी एवं इंद्रविक्रम सिंह आईएएस के जालौन भ्रमण कार्यक्रम के दौरान विकास खंड जालौन की ग्राम पंचायत पहाड़पुरा व ग्राम पंचायत अकोडी़ दुबे में एक जन चौपाल का आयोजन किया जाना था। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयं नोडल अधिकारी इन्द्र बिक्रम सिंह द्वारा प्रस्तावित थी।
पवन तिवारी जो ग्राम पंचायत पहाड़पुरा में सचिव के पद पर तैनात थे, उन्हें इस कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में पूर्व में ही आवश्यक निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों में चौपाल स्थल का चयन और ग्राम पंचायत की प्रगति पुस्तिका तैयार करना, ग्राम में बनी पानी टंकी का निरीक्षण, साफ-सफाई,सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल थीं।
आरोप है कि पवन तिवारी ने अपनी कर्मचारी संघ के नेता होने व दवगंई के चलते अधिकारियों निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कार्यक्रम को किसी अन्य ग्राम पंचायत में आयोजित कराने का दबाव बनाने का पुरजोर प्रयास किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अपने क्लस्टर की किसी भी ग्राम पंचायत में सहयोग न करने की मंशा भी जाहिर की।
प्रगति प्रस्तुत करने में भी कठिनाई आई स्थिति तब और गंभीर हो गई जब वह बिना किसी पूर्व सूचना के 28 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अपने कार्यक्षेत्र एवं ब्लॉक से अनुपस्थित पाए गए। उनकी अनुपस्थिति के कारण जन चौपाल की तैयारियों में बाधा उत्पन्न हुई।
नोडल अधिकारी इन्द्र बिक्रम सिंह के समक्ष शासन की योजनाओं की अद्यतन प्रगति प्रस्तुत करने में भी कठिनाई आई। इसे गंभीर कर्तव्यहीनता मानते हुए, निष्पक्ष जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि के दौरान पवन तिवारी को विकास खंड डकोर कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) रामपुरा को सौंपी गई है, जिन्हें 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, बशर्ते वे किसी अन्य सेवा या व्यवसाय में संलग्न न हों।

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