अमेठी में पुलिस मुठभेड़ में गोकशी गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार, एक फरार
पुलिस को देखकर तीनों बदमाश भागने लगे और दो ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। तीसरा आरोपी मौके से फरार हो गया।
अमेठी/जनमत न्यूज। अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मुसाफिरखाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गोकशी की योजना बना रहे अंतरजनपदीय गिरोह के दो सदस्यों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनका एक साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध असलहे, कारतूस, जायलो गाड़ी और गोकशी के उपकरण बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, एसएचओ विवेक कुमार सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि रसूलाबाद के जंगल में कुछ बदमाश पानी की टंकी के पास गोकशी की तैयारी कर रहे हैं। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो देखा कि तीन व्यक्ति त्रिपाल पर चाकू, चापड़, रस्सी और बोरियां रखकर गोकशी की योजना बना रहे थे।
पुलिस को देखकर तीनों बदमाश भागने लगे और दो ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। तीसरा आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने मौके से दो तमंचे, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, एक महिंद्रा जायलो गाड़ी (बिना नंबर प्लेट), एक लोहे का चापड़, चाकू, सूजा, लकड़ी का ठीहा, दो प्लास्टिक की रस्सियां, एक त्रिपाल और दो बोरियां बरामद कीं।
पूछताछ में घायलों ने अपना नाम सरताज पुत्र हसन जहीर निवासी थाना चौक, लखनऊ और मो. मुस्तफा पुत्र करम अली निवासी थाना अंतू, प्रतापगढ़ बताया। दोनों ने कबूल किया कि वे अपने फरार साथी के साथ छुट्टा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर हत्या कर मांस बेचते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सरताज के खिलाफ लखनऊ में चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत नौ मुकदमे दर्ज हैं, जबकि मो. मुस्तफा के विरुद्ध प्रतापगढ़ में चोरी और आबकारी अधिनियम के दो मुकदमे पंजीकृत हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।


