महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में नया नियम: अब संध्या और शयन आरती के लिए भी होगी प्री-बुकिंग

उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में अब भस्म आरती की तरह संध्या और शयन आरती के लिए भी ऑनलाइन प्री-बुकिंग और शुल्क अनिवार्य किया गया है।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में नया नियम: अब संध्या और शयन आरती के लिए भी होगी प्री-बुकिंग
Published By- A.K. Mishra

मध्य प्रदेश/जनमत न्यूज़:- मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्रसिद्ध भस्म आरती की तरह संध्या आरती और शयन आरती के लिए भी श्रद्धालुओं को ऑनलाइन प्री-बुकिंग करानी होगी।

अब तक मंदिर में केवल भस्म आरती के लिए ही अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य थी, जबकि संध्या और शयन आरती में श्रद्धालु बिना बुकिंग के शामिल हो सकते थे। लेकिन बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों को देखते हुए मंदिर समिति ने यह नई व्यवस्था लागू की है।

ऑनलाइन बुकिंग से मिलेगी सुविधा

नई व्यवस्था के तहत संध्या और शयन आरती में शामिल होने के लिए करीब 250 रुपये शुल्क के साथ ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं को लंबी लाइनों से राहत मिलेगी और वे व्यवस्थित तरीके से बैठकर आरती का लाभ ले सकेंगे।

जो भक्त ऑनलाइन बुकिंग नहीं करेंगे, वे मंदिर परिसर से चलते-फिरते आरती के दर्शन कर सकेंगे, लेकिन बैठकर आरती देखने की सुविधा केवल प्री-बुकिंग कराने वालों को ही मिलेगी।

भस्म आरती पहले से ही रहती है फुल

महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश में प्रसिद्ध है। ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली इस आरती के लिए श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर पहुंच जाते हैं। स्लॉट सीमित होने के कारण कई बार यात्रा से डेढ़-दो महीने पहले ही बुकिंग करानी पड़ती है।

फैसले पर मिले-जुले रिएक्शन

नई व्यवस्था पर श्रद्धालुओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ लोग इसे समय और सुविधा की दृष्टि से सही कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्थित दर्शन के लिए यह जरूरी था।

वहीं कुछ श्रद्धालुओं ने शुल्क लगाए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि भगवान के दर्शन के लिए अतिरिक्त भुगतान करना गरीब श्रद्धालुओं के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में व्यवस्था अलग

महाकालेश्वर के अलावा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि वहां दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन बिना बुकिंग के भी श्रद्धालु सामान्य रूप से दर्शन कर सकते हैं।

मध्य प्रदेश आने वाले श्रद्धालु आमतौर पर महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योतिर्लिंग के दर्शन करते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब उज्जैन में आरती दर्शन की प्रक्रिया पहले से अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद जताई जा रही है।