'कराची का रास्ता सर क्रीक से गुजरता है' — राजनाथ सिंह की कड़ी चेतावनी, कहा- इतिहास और भूगोल बदल जाएंगे

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा — अगर सर क्रीक में पाकिस्तान का दुस्साहस हुआ तो उसे निर्णायक जवाब दिया जाएगा। लक्की नाला छावनी में बहु‑एजेंसी अभ्यास के बाद टिप्पणी।

'कराची का रास्ता सर क्रीक से गुजरता है' — राजनाथ सिंह की कड़ी चेतावनी, कहा- इतिहास और भूगोल बदल जाएंगे
Published By- A.K. Mishra

डिजिटल डेस्क/जनमत न्यूज़:- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कच्छ के लक्की नाला सैन्य छावनी में दिव्यादशी के मौके पर आयोजित बहु‑एजेंसी अभ्यास और शस्त्र पूजन के दौरान चेतावनी जारी की कि यदि सर क्रीक क्षेत्र में पाकिस्तान किसी भी प्रकार का दुस्साहस करेगा तो उसे निर्णायक जवाब दिया जाएगा — ऐसा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएँगे।

राजनाथ ने कहा कि भारत ने सीमा विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की लगातार कोशिश की है, पर सर क्रीक के पास हालिया सैन्य जमावड़े और पाकिस्तान की मंशा चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) मिलकर सतर्कता से सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।

राजनाथ के मुख्य बिंदु

  • संदेश साफ: यदि सर क्रीक से सटे इलाके में पाकिस्तानी तरफ से कोई दुस्साहस हुआ, तो जवाब इतना निर्णायक होगा कि इतिहास और भूगोल बदल जाएँ।

  • बातचीत की कोशिशें: उन्होंने कहा कि भारत ने बार‑बार बातचीत के ज़रिये समाधान की कोशिशें की हैं, पर पाकिस्तान की नीयत स्पष्ट नहीं दिखती।

  • सैन्य तैयारी: राजनाथ ने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के उन प्रयासों को विफल किया जो भारत की संप्रभुता को चुनौती दे रहे थे।

  • क्षमता और संयम: उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारतीय सशस्त्र बल कहीं भी, किसी भी समय कार्रवाई करने में सक्षम हैं, फिर भी कार्रवाई में संयम बरती जाती है क्योंकि मूल उद्देश्य आतंकवाद और खतरे बेअसर करना है, न कि युद्ध फैलाना।

रक्षा मंत्री ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान की कुछ सैन्य कोशिशों को नाकाम किया और यह दिखाया कि हमारी सीमा सुरक्षा व खुफिया‑सामर्थ्य खतरों का सफलतापूर्वक सामना कर सकती है। बावजूद इसके, उन्होंने कहा कि India ने तब भी संयम दिखाया क्योंकि लक्ष्य आतंकवाद रहित करना था, न कि सैन्य संघर्ष बढ़ाना।

सर क्रीक गुजरात‑कच्छ के पास स्थित एक संवेदनशील सीमावर्ती इलाका है, जहां समुद्री/भूक्षेत्रीय नियंत्रण और सीमांकन से जुड़े मसले समय‑समय पर तनाव का कारण बने रहे हैं। रक्षा मंत्री के तीखे शब्दों को पड़ोसी मुल्क तक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है — भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए सक्षम और सतर्क है।