AIMIM नेता अरशद राणा की पुलिस सुरक्षा हटाने की मांग, संयुक्त हिंदू मोर्चा ने SSP को सौंपा ज्ञापन
संयुक्त हिंदू मोर्चा के संस्थापक मनोज सैनी ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि एक राजनीतिक नेता को पुलिस सुरक्षा दिया जाना संगठन की समझ से परे है, विशेषकर तब जब पूर्व में उनके विरुद्ध विभिन्न मामलों को लेकर कार्रवाई की मांग उठती रही है।
मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट —
मुजफ्फरनगर/जनमत। संयुक्त हिंदू मोर्चा ने जनपद मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपते हुए AIMIM पार्टी के नेता एवं मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी अरशद राणा को प्रदान की गई पुलिस सुरक्षा तत्काल हटाए जाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि पुलिस सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों का उपयोग केवल जनहित और वास्तविक सुरक्षा आवश्यकता के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
संयुक्त हिंदू मोर्चा के संस्थापक मनोज सैनी ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि एक राजनीतिक नेता को पुलिस सुरक्षा दिया जाना संगठन की समझ से परे है, विशेषकर तब जब पूर्व में उनके विरुद्ध विभिन्न मामलों को लेकर कार्रवाई की मांग उठती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा करनी चाहिए।
मनोज सैनी ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर किसी तरह का असंतोष न फैले। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संगठन की मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो संयुक्त हिंदू मोर्चा को आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।


