बहराइच: इण्डो-नेपाल बॉर्डर पर हाई-टेक शिकंजा, फेश डिटेक्टर सिस्टम से पकड़ में आएंगे घुसपैठिये; इंट्री होगी नाकाम

उप्र के जनपद बहराइच की इण्डो- नेपाल बॉर्डर अब सिर्फ़ सीमा नहीं, बल्कि अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस देश के लिए सुरक्षा कवच बन चुका है।

बहराइच: इण्डो-नेपाल बॉर्डर पर हाई-टेक शिकंजा, फेश डिटेक्टर सिस्टम से पकड़ में आएंगे घुसपैठिये; इंट्री होगी नाकाम
Published By- Diwaker Mishra

बहराइच से रिजवान खान की रिपोर्ट

बहराइच/जनमत न्यूज़। उप्र के जनपद बहराइच की इण्डो- नेपाल बॉर्डर अब सिर्फ़ सीमा नहीं, बल्कि अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस देश के लिए सुरक्षा कवच बन चुका है। बहराइच के रुपईडीहा बॉर्डर पर फेस-स्कैनिंग सिस्टम की तैनाती के साथ ही घुसपैठियों की चालें अब शुरू होने से पहले ही नाकाम हो जाएंगी।

चेहरा डिटेक्ट होते ही संदिग्धों की पहचान उनका इतिहास और मूवमेंट सब कुछ सेकेंडों में अत्याधुनिक सिस्टम के सामने होगा। यूपी के बहराइच ज़िले का रुपईडीहा बॉर्डर वही संवेदनशील इलाका है, जहां पहले भी आतंकी मसरूर,दाऊद का खान शामा,सिमी के सरगना समेत कई संदिग्धों को एसएसबी के जवानों ने धर दबोचा है। 

खुली सीमा को अपराधियों के लिए कभी मुफ़ीद माना जाता था, लेकिन अब यह इलाका घुसपैठियों के लिए सबसे असुरक्षित ज़ोन बन चुका है। रुपईडीहा इंटरनेशनल चेक पोस्ट पर अब हर आने-जाने वाले की डिजिटल इंट्री और रियल-टाइम फेस स्कैनिंग की जा रही है।

हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे चेहरे को स्कैन करते ही डाटा को सुरक्षित सर्वर में ऑटोमैटिक रिकॉर्ड कर लेते हैं। नकली पहचान, जाली दस्तावेज़ और थर्ड-कंट्री की आड़ में अब कोई भी हथकंडा काम नहीं आएगा।

पहले कई बार फर्जी आईडी के सहारे घुसपैठियों द्वारा सीमा पार करने की कोशिशें सामने आती थीं, लेकिन अब आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस आधारित यह सिस्टम ऐसे शातिरों को बॉर्डर की लकीर भी पार नहीं करने देगा।

संदिग्ध गतिविधि दिखते ही अलर्ट जेनरेट होगा और चंद मिनटों में कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट ने बताया कि फेस-स्कैनिंग व्यवस्था से बॉर्डर मैनेजमेंट पूरी तरह टेक्नोलॉजी जोन बन गया है।

हर व्यक्ति का चेहरा स्कैन कर दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जा रहा है, जिससे पूरी प्रोफाइल सिस्टम में ऑटोमैटिक लॉक हो जाती है। घुसपैठ करने वाले नागरिक या संदिग्ध के मूवमेंट पर अब तुरंत शिकंजा कसना संभव होगा।

कुल मिलाकर इंडोनेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी जवान अब सिर्फ़ मुस्तैद नहीं, बल्कि हाई-टेक हथियारों से लैस डिजिटल प्रहरी बन चुके हैं। दुश्मन चाहे जितनी चालें चले, इस नई तकनीक के आगे उसकी हर कोशिश बेनक़ाब होकर दम तोड़ देगी।