हाथरस: नि:स्वार्थ रक्त की हर बूंद बनी जीवन की आशा, संत रविदास जयंती पर रक्तदान शिविर का आयोजन

जब सेवा का संकल्प हृदय में हो और प्रेरणा संत शिरोमणि गुरु रविदास जैसे महापुरुषों की हो, तो समाज में परिवर्तन की लहर दौड़ना निश्चित है।

हाथरस: नि:स्वार्थ रक्त की हर बूंद बनी जीवन की आशा, संत रविदास जयंती पर रक्तदान शिविर का आयोजन
Published By- Diwaker Mishra

हाथरस से होमेश मिश्रा की रिपोर्ट

हाथरस/जनमत न्यूज़। जब सेवा का संकल्प हृदय में हो और प्रेरणा संत शिरोमणि गुरु रविदास जैसे महापुरुषों की हो, तो समाज में परिवर्तन की लहर दौड़ना निश्चित है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए उप्र के हाथरस जनपद के प्रमुख सामाजिक संगठन 'नि:स्वार्थ सेवा संस्थान' द्वारा बागला जिला अस्पताल में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस शिविर ने न केवल गुरुजी के 'मानवता ही धर्म है' के संदेश को जीवंत किया, बल्कि 60 यूनिट रक्त एकत्रित कर कई अनमोल जीवन बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी उठाया। संत शिरोमणि गुरु रविदास माल्यार्पण के साथ हुआ मंगलारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय रहा।

शिविर में सुबह से ही युवाओं और संस्थान के वॉलिन्टियर्स का उत्साह देखने योग्य था। जिला अस्पताल की कुशल चिकित्सक टीम और ब्लड बैंक विभाग के सहयोग से पूरी प्रक्रिया को अत्यंत व्यवस्थित ढंग से संपन्न किया गया। रक्तदाताओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए पहले उनका हीमोग्लोबिन और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए गए।

चिकित्सकों ने बताया कि एकत्रित किया गया 60 यूनिट रक्त आपातकालीन स्थितियों, दुर्घटनाओं और थैलेसीमिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदान साबित होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज को समानता और निस्वार्थ प्रेम का मार्ग दिखाया था, और आज का यह रक्तदान शिविर उन्हीं के बताए आदर्शों को समाज तक पहुँचाने का एक माध्यम है।

"रक्तदान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। हमारे द्वारा दी गई रक्त की एक यूनिट किसी उजड़ते हुए परिवार का चिराग बचा सकती है। गुरु रविदास जी ने हमेशा दूसरों की भलाई को सर्वोपरि रखा, और हमारा संस्थान उसी मार्ग पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है।"

शिविर की सबसे खास बात पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं का जोश रहा। कई युवाओं ने इस अनुभव को 'गर्व का क्षण' बताया। शिविर के दौरान न केवल रक्त संग्रह किया गया, बल्कि लोगों को अंगदान और नियमित रक्तदान के प्रति जागरूक भी किया गया।

संस्थान के वॉलिन्टियर्स ने अनुशासन और स्वच्छता का पालन करते हुए पूरे अस्पताल परिसर में एक सकारात्मक वातावरण बनाए रखा। साथ ही 'निस्वार्थ सेवा संस्थान' हाथरस में केवल रक्तदान ही नहीं, बल्कि रोटी बैंक, मूक पशु सेवा, लावारिस पार्थिव देह का सत्कार, गरीब कन्याओं का विवाह और शिक्षा के क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय है। संस्था का मूल मंत्र बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना है।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सचिव नीरज गोयल, प्रवक्ता हिमांशु गौड़, कॉर्डिनेटर चंद्र प्रकाश अग्रवाल, सोशल मीडिया प्रभारी सारांश टालीवाल, सह सचिव तरुण राघव, सह सचिव निष्कर्ष गर्ग, रक्तदान प्रभारी ध्रुव कोठीवाल ,आशीष अग्रवाल, सत्येंद्र मोहन, अवधेश कुमार बंटी, लोकेश सिंघल, विशाल सोनी, सुलभ गर्ग, सौरभ शर्मा, आलोक अग्रवाल, यश वार्ष्णेय, टेकपाल कुशवाह, सुनील कुमार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला काउंसलर अरुण सूर्या , सिमरन , गोपाल सिंह एलटी, विशाल , ऋचा सेंगर , शमशेर ख़ान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।