औरैया: ठेका की आड़ में छोटी मछलियों का हो रहा शिकार, मत्स्य विभाग नहीं कर पा रहा निगरानी
उप्र के औरैया जनपद के अयाना के बीझलपुर घाट पर यमुना नदी में ठेका की आड़ में ठेकेदार प्रतिबंधित मछलियों का शिकार कर रहे हैं। इससे यमुना में मछलियों की प्रजातियां समाप्त होने का खतरा बना हुआ है।
औरैया से अरुण वाजपेयी की रिपोर्ट
औरैया/जनमत न्यूज़। उप्र के औरैया जनपद के अयाना के बीझलपुर घाट पर यमुना नदी में ठेका की आड़ में ठेकेदार प्रतिबंधित मछलियों का शिकार कर रहे हैं। इससे यमुना में मछलियों की प्रजातियां समाप्त होने का खतरा बना हुआ है। गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में ठेकेदार छोटी मछलियों की तौल करवाते नजर आ रहे हैं।
यमुना नदी में बीझलपुर घाट के पास मछली पकड़ने के लिए ठेका औरैया और जालौन जनपद का मत्स्य विभाग एक-एक साल के लिए उठाता है। इस साल का ठेका औरैया की ओर से मां सीवी सहकारी समिति को दिया गया है। जोकि 31 मई तक के लिए दिया गया है।
इसके बाद मछलियों का प्रजनन काल शुरू होने पर यमुना में मछलियों का शिकार प्रतिबंधित हो जाएगा। वर्तमान समय में ठेकेदार शासन के नियमों की अनदेखी कर छोटी- छोटी मछलियों का शिकार कर रहे हैं। इससे यमुना नदी में मछलियों की प्रजाति लगातार घटती जा रही है।
गुरुवार को वायरल हुए वीडियो में लोग यमुना नदी में मानक से अधिक पतला जाल लगाकर मछलियां पकड़ते दिखते हैं। पास ही बॉक्स में पकड़ी गईं छोटी-छोटी मछलियां भी रखी दिखतीं हैं। जिनकी तौल ठेकेदार की ओर से करवाई जा रही है।
औरैया मत्स्य विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमाकांत ने बताया कि टेंडर में 3 से 4 सेंटीमीटर जाल लगाने के निर्देश दिए जाते हैं। यदि छोटा जाल लगाकर मछली पकड़ी जा रही है तो ठेकेदार को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
अनुकूल जबाव न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग में निरीक्षकों की कमी होने के चलते लगातार यमुना नदी में मछली का शिकार होने की निगरानी कर पाना मुश्किल हो रहा है।

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