CM योगी के भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के दावे की धज्जियां उड़ा रहा है भदोही का खमरिया नगर पंचायत

मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ भले ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का दावा कर रहे हैं लेकिन भदोही जनपद के खमरिया नगर पंचायत उनके इस दावे की धज्जियां उड़ाने का जीता जागता उदाहरण है

CM योगी के भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के दावे की धज्जियां उड़ा रहा है भदोही का खमरिया नगर पंचायत
Published By- Diwaker Mishra

भदोही से आनन्द तिवारी की रिपोर्ट

भदोही/जनमत न्यूज़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ भले ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का दावा कर रहे हैं लेकिन भदोही जनपद के खमरिया नगर पंचायत उनके इस दावे की धज्जियां उड़ाने का जीता जागता उदाहरण है, जहां जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

वर्तमान अध्यक्ष द्वारा एक व्यक्ति विशेष को लाभ देने के लिए 70 से 80 वर्ष पूर्व बने नाले को पाट कर दूसरी तरफ मोड़ने का काम किया जा रहा है। जब इस मामले को लेकर के अधिशासी अधिकारी जितेन्द्र यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बगल से दूसरी नाली बनाई गई है।

जबकि वहां की स्थिति यह है नाली तो दूर अंडर ग्राउंड पाइपलाइन भी नहीं दिखी। वहां बाकायदा भस्सी डालकर नाले को बंद करने का वीडियो भी लोगों ने वायरल किया तो वहीं के पूर्व सभासद मुन्नी वेगम ने बताया नाला बहुत पहले बनाया गया था क्योंकि यहां के निवासियों के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो इसे ध्यान में रखकर व्यवस्था की गई थी।

कितने अध्यक्ष बदले अब तक किसी ने इस नाले पर अतिक्रमण और कब्जे को हटाने की व्यवस्था नहीं की बल्कि इसे साफ सफाई कराई लेकिन वर्तमान अध्यक्ष के द्वारा जिस तरह की कार्यवाही की जा रही है वह काफी खतरनाक है। जहां जनता अध्यक्ष को चुनती है अपने क्षेत्र के विकास के लिए वही विकास करने वाला ही अगर भ्रष्टाचारी निकले तो उसके साथ कैसे निपटा जाए।

इस मामले में अधिशासी अधिकारी जितेंद्र कुमार यादव से बात की गई तो उन्होंने बाइट देने से मना कर दिया जबकि नाले की स्थिति यह है कि उसको ढककर मकान बना लिया गया है। अब मकान मालिक बार-बार दावा कर रहा है कि पानी से मेरा मकान गिर जाएगा।

जबकि मकान से पहले नाला था, तो ऐसी स्थिति में नगर पंचायत की जिम्मेदारी बनती है कि नाले की साफ सफाई कराकर सुदृढ़ करें जिससे नगर में बीमारियां न फैले। लेकिन अपने निजी स्वार्थ मे अंधे अधिकारियों को यह समझ में नहीं आता।

जब मामला मिडिया में पहुंचा तो Eo मौके पर जाकर सफाई कराने लगे जबकि नाला पहले से बना अधिकारियो को समझ आती है अपनी जेब और सरकार को बदनाम करने का तरीका।