नगला चीना डकैती पर भाकियू का धरना, पुलिस को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
यूनियन नेताओं का आरोप है कि हथियारबंद डकैतों ने दो घरों में लाखों की डकैती की और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की। इससे पहले भी इसी गाँव में डकैती हो चुकी है, लेकिन पुलिस आज तक एक भी मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। इससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है।

रुड़की/जनमत न्यूज। नारसन ब्लॉक के नगला चीना गाँव में बीती रात हुई डकैती की घटना को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। बहादराबाद में पाँच दिन लगातार धरना देने के बाद अब भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारी मंगलौर कोतवाली में धरने पर बैठ गए।
यूनियन नेताओं का आरोप है कि हथियारबंद डकैतों ने दो घरों में लाखों की डकैती की और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की। इससे पहले भी इसी गाँव में डकैती हो चुकी है, लेकिन पुलिस आज तक एक भी मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। इससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है।
धरने के दौरान गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी और जिला अध्यक्ष राजीव शास्त्री के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कोतवाली परिसर में जुटे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द नहीं हुई तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
धरने की सूचना पर कोतवाली प्रभारी शांति कुमार और एसएसआई रफ़्त अली मौके पर पहुँचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पंद्रह दिनों के भीतर नगला चीना गाँव में हुई डकैतियों का पर्दाफाश कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा। पुलिस के भरोसे के बाद किसानों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा।