बांदा में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, खनन, रियल एस्टेट व मेडिकल कारोबार से जुड़े कई धनकुबेरों के ठिकानों पर दो दिन से जांच जारी

सूत्रों के अनुसार यह कारोबारी समूह सिंडिकेट बनाकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और भूटान तक ग्रेनाइट और मौरम खनन, रियल एस्टेट निवेश तथा मेडिकल क्षेत्र में कारोबार कर रहे हैं।

बांदा में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, खनन, रियल एस्टेट व मेडिकल कारोबार से जुड़े कई धनकुबेरों के ठिकानों पर दो दिन से जांच जारी
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

बांदा से आशीष सागर दीक्षित की रिपोर्ट —

बांदा/जनमत न्यूज। उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद में बीते दो दिनों से आयकर विभाग की टीम स्थानीय धनकुबेरों और प्रभावशाली कारोबारियों के ठिकानों पर जांच में जुटी हुई है। लखनऊ और कानपुर से पहुंची आयकर विभाग की टीम ने खनन, रियल एस्टेट, मेडिकल, एविएशन और सरकारी संस्थानों में मानव संसाधन आपूर्ति से जुड़े कई बड़े कारोबारियों के घरों और दफ्तरों में दस्तावेजों की गहन जांच की है।

जानकारी के अनुसार Income Tax Department of India की टीम ने जिन लोगों को जांच के दायरे में लिया है, उनमें सीरजध्वज सिंह, अज्ञात गुप्ता, शिवशरण सिंह, दिलीप सिंह (कालू कुआं), पन्ना-भोपाल से जुड़े कारोबारी दिलीप गुप्ता तथा बिजली कारोबार से जुड़े शशांक शेखर प्रमुख रूप से शामिल बताए जा रहे हैं। इन कारोबारियों पर खनन, रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश और संपत्ति अर्जित करने के आरोपों के बीच आयकर विभाग उनकी वित्तीय गतिविधियों की पड़ताल कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार यह कारोबारी समूह सिंडिकेट बनाकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और भूटान तक ग्रेनाइट और मौरम खनन, रियल एस्टेट निवेश तथा मेडिकल क्षेत्र में कारोबार कर रहे हैं। जांच एजेंसी इन कारोबारियों के वित्तीय लेन-देन, संपत्ति के स्रोत और विभिन्न कंपनियों के नेटवर्क की जांच कर रही है।

पन्ना जिले के बरौली गांव निवासी और डीजी ग्रुप से जुड़े कारोबारी दिलीप गुप्ता का नाम भी जांच में सामने आया है। बताया जाता है कि वे ग्रेनाइट खनन और मेडिकल क्षेत्र में सक्रिय हैं और भोपाल में भी उनके यहां आयकर की कार्रवाई हो चुकी है। पिछले एक वर्ष से वे आयकर जांच का सामना कर रहे हैं।

इसी तरह आवास विकास बी ब्लॉक निवासी अज्ञात गुप्ता भी जांच के केंद्र में बताए जा रहे हैं। कभी मध्यम वर्गीय परिवार से जुड़े रहे अज्ञात गुप्ता ने बाद में कई कंपनियां बनाकर सरकारी संस्थानों में मानव संसाधन आपूर्ति, निजी नर्सिंग होम संचालन, रियल एस्टेट निवेश और ठेकेदारी के जरिए अपना व्यवसाय तेजी से विस्तार किया। बताया जाता है कि बांदा, लखनऊ, नोएडा, दिल्ली और मुंबई समेत कई शहरों में उनकी संपत्तियां हैं।

वहीं कालू कुआं चौराहे के निवासी और खनन कारोबारी दिलीप सिंह भी जांच के दायरे में हैं। वे बुंदेलखंड क्षेत्र में लंबे समय से पहाड़ खनन और स्टोन क्रेशर के कारोबार से जुड़े रहे हैं। महोबा और बांदा में उनके ग्रेनाइट खनन पट्टे और स्टोन क्रेशर प्लांट संचालित होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार उनके जगदंबा स्टोन क्रेशर समेत कई प्रतिष्ठानों के दस्तावेज भी आयकर टीम ने खंगाले हैं।

आयकर टीम ने सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित स्टोन क्रेशर कारोबारी सोमेश भारद्वाज के दफ्तरों में भी जांच-पड़ताल की है। इसके अलावा सीरजध्वज सिंह और उनके पूर्व मुनीम रहे शिवशरण सिंह की आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। बताया जाता है कि ये लोग लंबे समय से खनन और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग को जांच के दौरान करोड़ों रुपये के जेवरात, भारी नकदी और कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की भी चर्चा है। हालांकि इस संबंध में आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक मीडिया ब्रीफिंग नहीं की गई है।

बताया जा रहा है कि आयकर टीम दो दिनों से इन कारोबारियों के घरों, कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। इस दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। जांच एजेंसी विभिन्न वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों के स्रोत की जानकारी जुटा रही है।

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आयकर विभाग की यह जांच आगे किस दिशा में जाती है और क्या इस कार्रवाई के बाद और भी नाम सामने आते हैं। फिलहाल बांदा सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।