बांदा के नरैनी सीएचसी में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ घायल का इलाज, वायरल वीडियो से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

सीएमओ के अनुसार मामले की जांच के लिए नरैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बांदा के नरैनी सीएचसी में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ घायल का इलाज, वायरल वीडियो से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

बांदा से आशीष सागर दीक्षित की रिपोर्ट —

बांदा/जनमत न्यूज। उत्तर प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर सरकार लगातार दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इन दावों की पोल खोल देती है। बांदा जनपद के नरैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल के अंदर अंधेरे के बीच मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में घायल मरीज का इलाज किया जाता दिखाई दे रहा है।

वायरल वीडियो में अस्पताल कर्मी बिजली न होने के कारण मोबाइल टॉर्च की रोशनी के सहारे घायल की मरहम-पट्टी करते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य न केवल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है, बल्कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर करता है। सरकार की ओर से सभी स्वास्थ्य केंद्रों में इनवर्टर और पावर बैकअप जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध होने का दावा किया जाता रहा है, लेकिन नरैनी सीएचसी का यह वीडियो इन दावों की सच्चाई पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो बांदा जिले के नरैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां बिजली आपूर्ति बाधित होने के दौरान घायल मरीज का इलाज मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में किया गया। अस्पताल में पर्याप्त बिजली बैकअप व्यवस्था होने के बावजूद ऐसी स्थिति सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

मामले के सामने आने के बाद जब इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो 10 मार्च का बताया जा रहा है, हालांकि यह मामला उनके संज्ञान में अभी हाल ही में आया है। उन्होंने कहा कि नरैनी सीएचसी में इनवर्टर और पावर बैकअप की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद यदि टॉर्च की रोशनी में इलाज किया गया है तो यह गंभीर विषय है।

सीएमओ के अनुसार मामले की जांच के लिए नरैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह वीडियो जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।