सीजफायर पर 24 घंटे में ही मंडराया संकट, लेबनान पर इजरायल के हमले के बाद अब क्या करेगा ईरान?

मध्य पूर्व में युद्धविराम की घोषणा किए हुए अभी 24 घंटे ही बीते है। इस दौरान इजरायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ हवाई हमला कर दिया।

सीजफायर पर 24 घंटे में ही मंडराया संकट, लेबनान पर इजरायल के हमले के बाद अब क्या करेगा ईरान?
Published By- Diwaker Mishra

तेहरान/तेल अवीव/जनमत न्यूज़। मध्य पूर्व में युद्धविराम की घोषणा किए हुए अभी 24 घंटे ही बीते है। इस दौरान इजरायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ हवाई हमला कर दिया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन हमलों को युद्ध शुरू होने के बाद से हिज्बुल्लाह पर किया गया सबसे बड़ा प्रहार बताया है। उन्होंने आगे कहा कि "अगर जरूरत पड़ी तो इसरायल ईरान के खिलाफ फिर से लड़ाई शुरू कर सकता है।"

शांति समझौते पर मंडरा रहा खतरा

शांति समझौते को लेकर जो सकारात्मक दावे किए जा रहे थे। उनपर इस हमले के बाद भरोसा करना मुश्किल होता दिख रहा है। वहीं दूसरी और ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान में हमले तुरंत नहीं रुके तो, वे ऐसा जवाब देंगे जिसका उसके दुश्मनों को पछतावा होगा।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा, "ईरान-अमेरिका युद्धविराम की शर्तें बिल्कुल साफ और स्पष्ट हैं। अब अमेरिका को फैसला करना होगा कि युद्धविराम चाहिए या फिर इजरायल के जरिए जंग जारी रखना है। क्योंकि, दोनों साथ नहीं चल सकते।"

इजरायल ने लेबनान में दागीं मिसाइलें

दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहार को देख रही है। अब गेंद अमेरिका के पाले में है, और पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या वह अपने वादों पर अमल करता है।

मालूम हो कि बुधवार को इजरायल ने लेबनान में सिर्फ 10 मिनट के अंदर 100 ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। दूसरी ओर ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ये हमले नहीं रुके, तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा।

ईरान ने होर्मुज को लेकर दी चेतावनी

इसके साथ ही ईरान ने कहा कि अगर कोई जहाज उसकी अनुमति के बिना होर्मुज से गुजरता है तो उसे निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाएगा।

इसके अलावा, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ का कहना है कि उनके 10-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव की तीन शर्तों का पहले ही खुले तौर पर उल्लंघन हो चुका है। हालांकि जेडी वेंस ने कहा कि ऐसे समझौतों में कुछ 'उथल-पुथल' होना स्वाभाविक है।

वहीं, एक चैनल से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि, उनके ईरान समझौते की शर्तों का इजरायल उल्लंघन नहीं कर रहा है। क्योंकि उनके मुताबिक लेबनान इस युद्धविराम का हिस्सा नहीं है।

बता दे कि पिछले छह सप्ताह में लेबनान में जारी जंग में 1,500 लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें 130 बच्चे शामिल हैं, जबकि 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।