भारत ने UN में फिर खोली पाकिस्तान की पोल, कहा- सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाया था

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने कहा है कि पाकिस्तान का एकमात्र एजेंडा 'मेरे मुल्क को नुकसान पहुंचाना है।'

भारत ने UN में फिर खोली पाकिस्तान की पोल, कहा- सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाया था
Published By- Diwaker Mishra

न्यू यॉर्क/जनमत न्यूज़। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान को एक बार फिर भारत ने वैश्विक मंच से आईना दिखाया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने कहा है कि पाकिस्तान का एकमात्र एजेंडा 'मेरे मुल्क को नुकसान पहुंचाना है।'

उन्होंने कहा कि पहले भारत पर और हमलों की धमकी दे रहा पाकिस्तान 10 मई को सीजफायर की गुहार लगाने लगा था। यूएन में पी हरीश ने कहा, 'मैं अब पाकिस्तान के प्रतिनिधि की टिप्पणियों का जवाब दे रहा हूं, जो सुरक्षा परिषद का एक निर्वाचित सदस्य है और जिसका एकमात्र एजेंडा मेरे देश और मेरे लोगों को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने पिछले साल मई में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में एक झूठा और अपने फायदे वाला विवरण पेश किया है।'

पाकिस्तान की खोली पोल

उन्होंने कहा, '9 मई तक पाकिस्तान भारत पर और हमलों की धमकी दे रहा था, लेकिन 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने सीधे हमारी सेना को फोन किया और लड़ाई रोकने की गुहार लगाई। भारतीय कार्रवाई से पाकिस्तान के कई एयरबेस को जो नुकसान पहुंचा, जिसमें नष्ट हुए रनवे और जले हुए हैंगर्स की तस्वीरें शामिल हैं, वह सब जनता के सामने है।'

आतंकवाद के मुद्दे पर लगाई लताड़

हरीश ने कहा, 'हमने पाकिस्तानी प्रतिनिधि से 'न्यू नॉर्मल' के बारे में बातें सुनी हैं। मैं फिर से दोहराता हूं कि आतंकवाद को कभी भी सामान्य नहीं माना जा सकता, जैसा कि पाकिस्तान चाहता है।

पाकिस्तान की तरफ आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करना सामान्य बात नहीं है। यह पवित्र सदन पाकिस्तान के लिए आतंकवाद को जायज ठहराने का मंच नहीं बन सकता।'

उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा रहा है, है और हमेशा रहेगा।'

सिंधू जल संधि का जिक्र

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा, 'भारत ने 65 साल पहले सद्भावना, भलाई और दोस्ती की भावना के साथ सिंधु जल संधि की थी। इन साढे़ छह दशकों के दौरान पाकिस्तान ने तीन युद्ध थोपकर और भारत पर हजारों आतंकी हमले करके इस संधि की भावना का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमलों में हजारों भारतीयों की जान गई है।

भारत अंत में यह घोषणा करने के लिए मजबूर हुआ कि इस संधि को तब तक रोक कर रखा जाएगा, जब तक कि आतंकवाद का वैश्विक केंद्र पाकिस्तान, सीमा पार और अन्य सभी प्रकार के आतंकवाद को विश्वसनीय और स्थायी रूप से खत्म नहीं कर देता।'

उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को सलाह दी जाती है कि वह कानून के शासन पर आत्मचिंतन करे। वह खुद से पूछ सकता है कि उसने अपनी सेना को 27वें संशोधन के माध्यम से संवैधानिक तख्तापलट करने और अपने रक्षा प्रमुख को आजीवन छूट देने की अनुमति कैसे दे दी।'