सीतापुर में संविदा कर्मियों के धरने में पहुंचे सांसद राकेश राठौर, बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद
धरने में मौजूद कुछ लोगों ने इसे सामान्य राजनीतिक बयान बताया, वहीं विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए इसकी आलोचना की है।
सीतापुर से अनूप पाण्डेय की रिपोर्ट —
सीतापुर/जनमत न्यूज। सीतापुर में बिजली विभाग के संविदा कर्मियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब राकेश राठौर वहां पहुंचे और मंच से संबोधित किया।
धरने के दौरान सांसद राठौर ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संविदा कर्मियों के समर्थन में आवाज उठाई। इसी दौरान उनके द्वारा दिया गया एक बयान चर्चा का विषय बन गया। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा—“मिश्रा, पांडेय, दीक्षित को छोड़िए…”, जिसके बाद इस टिप्पणी को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
धरने में मौजूद कुछ लोगों ने इसे सामान्य राजनीतिक बयान बताया, वहीं विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए इसकी आलोचना की है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक मंच से बोलते समय अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए, क्योंकि ऐसे बयान समाज में विवाद को जन्म दे सकते हैं।
फिलहाल सांसद के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और जिले में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले समय में इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।







