राजस्थान में अब साइबर ठगों की खैर नहीं, बन रहा कॉर्डिनेशन सेंटर; 275 एक्सपटर्स संभालेंगे मोर्चा

राजस्थान में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध और हर साल बढ़ते ठगी के मामलों पर प्रशासन अब अग्रेसिव एक्शन मोड में है। राज्य सरकार ने इसे लेकर एक बड़ा कदम उठाया है।

राजस्थान में अब साइबर ठगों की खैर नहीं, बन रहा कॉर्डिनेशन सेंटर; 275 एक्सपटर्स संभालेंगे मोर्चा
Published By- Diwaker Mishra

जयपुर/जनमत न्यूज़। राजस्थान में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध और हर साल बढ़ते ठगी के मामलों पर प्रशासन अब अग्रेसिव एक्शन मोड में है। राज्य सरकार ने इसे लेकर एक बड़ा कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्र सरकार के 'इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) की तर्ज पर प्रदेश में राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (R4C) स्थापित करने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

साइबर ठगी से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु

  • राजस्थान में साल 2025 में सवा लाख तक पहुंची साइबर ठगी
  • प्रदेश में हर साल करीब 25 हजार नए मामले बढ़ रहे हैं।
  • वर्ष 2023: 80 हजार मामले दर्ज हुए
  • वर्ष 2025: यह संख्या बढ़कर सवा लाख (1.25 लाख) तक पहुंच गई।
  • वर्तमान में सूचनाएं केंद्र के I4C से स्टेट नोडल एजेंसी और फिर जिलों के माध्यम से थानों तक पहुंचती हैं।

इस लंबी प्रक्रिया के कारण होने वाली देरी से न तो समय पर FIR हो पाती है और न ही पीड़ितों का पैसा रिकवर हो पाता है। 'R4C' के आने से यह दूरी खत्म होगी और थानों को रियल-टाइम सहायता मिलेगी।

कैसा होगा R4C का ढांचा?

इस सेंटर की कमान आईजी (IG) रैंक के अधिकारी के हाथ में होगी। उनके नेतृत्व में एक विशाल टीम तैनात की जाएगी, जिसमें शामिल होंगे:

1 डीआईजी, 4 एसपी, 5 एएसपी और 7 डीएसपी।

8 इंस्पेक्टर और 7 तकनीकी विशेषज्ञ।

कुल 275 कार्मिकों का दस्ता जो 24/7 सक्रिय रहेगा।

एक ही छत के नीचे पुलिस, एक्सपर्ट और बैंक अधिकारी

R4C की सबसे बड़ी खूबी यह होगी कि यहां पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ तकनीकी विशेषज्ञ और विभिन्न बैंकों के नोडल ऑफिसर भी बैठेंगे। जैसे ही ठगी की सूचना मिलेगी

तकनीकी टीम: ठग की लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट को ट्रेस करेगी।

बैंक प्रतिनिधि: तत्काल ट्रांजेक्शन ट्रैक कर खातों को फ्रीज करेंगे ताकि पैसा निकाला न जा सके।

पुलिस टीम: संबंधित थाने को ब्रीफ नोट भेजकर तुरंत FIR और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

जानिए कैसी होगी ट्रेनिंग और क्रियान्वयन

इस सेंटर के लिए चयनित स्टाफ को I4C और देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। सरकार ने इसकी SOP (Standard Operating Procedure) तैयार कर ली है।

जल्द ही यह धरातल पर काम करना शुरू कर देगा। राजस्थान संभवतः देश का पहला राज्य है जो इस स्तर पर समर्पित साइबर को-ऑर्डिनेशन सेंटर बना रहा है।