रायबरेली से महाताब खान की रिपोर्ट —
रायबरेली/जनमत न्यूज। मानवता और सामाजिक सेवा की मिसाल पेश करते हुए रहमान फाउंडेशन ने एक अज्ञात वृद्ध के शव का पूरे सम्मान के साथ मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार कराया। पोस्टमार्टम के बाद बछरावां पुलिस ने शव संस्था को सौंपा, जिसके बाद फाउंडेशन के सदस्यों ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली।
संस्था के कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले धार्मिक परंपराओं के अनुसार शव का गुस्ल और कफन कराया। इसके बाद वक्फ नंबर–55 स्थित बहराना कब्रिस्तान में पुलिस की मौजूदगी में वृद्ध को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
इस दौरान फाउंडेशन के अध्यक्ष आजाद खान, पदाधिकारी अजहर मिर्जा, मोहम्मद यूसुफ, तबरेज अंसारी और अमन खान मौजूद रहे। सभी ने मिलकर मानवता के इस कार्य को संवेदनशीलता के साथ पूरा किया।
जानकारी के अनुसार वृद्ध का शव बछरावां रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था, जिसकी पहचान नहीं हो सकी। ऐसे में रहमान फाउंडेशन ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए अंतिम संस्कार कराया।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि लावारिस और अज्ञात शवों को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देना उनका निरंतर अभियान है, ताकि कोई भी व्यक्ति मृत्यु के बाद अपमानित न हो और उसे सम्मानजनक विदाई मिल सके।
रहमान फाउंडेशन की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए इसे सच्ची मानव सेवा और समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।