रामपुर में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़; 7.5 लाख नकदी समेत लैपटॉप, एटीएम कार्ड व थार गाड़ी बरामद

उप्र की रामपुर पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना पटवाई पुलिस ने गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

रामपुर में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़; 7.5 लाख नकदी समेत लैपटॉप, एटीएम कार्ड व थार गाड़ी बरामद
Published By- Diwaker Mishra

रामपुर से अभिषेक शर्मा की रिपोर्ट

रामपुर/जनमत न्यूज़। उप्र की रामपुर पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना पटवाई पुलिस ने गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7.5 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, स्वाइप मशीन, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, पासपोर्ट, आधार-पैन कार्ड तथा महिंद्रा थार बरामद की है।

पुलिस अधीक्षक रामपुर द्वारा अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक रामपुर के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी शाहबाद के नेतृत्व में 23 जून 2026 को थाना पटवाई पुलिस गश्त/चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पटवाई-सोहना पुल रोड पर एक महिंद्रा थार को रोककर तलाशी ली गई।

गाड़ी में सवार तीन व्यक्तियों ने अपने नाम प्रहलाद सिंह निवासी काशीराम नगर, थाना मझौला जनपद मुरादाबाद, विवेक कुमार निवासी अलीगंज बेनजीर थाना कोतवाली रामपुर और हरविंदर सिंह निवासी अलीगंज बेनजीर थाना कोतवाली रामपुर बताए।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7.5 लाख रुपये नकद, एक डेल कंपनी का लैपटॉप, एक पेटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, छह विभिन्न कंपनियों की मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, चार पासबुक, एक भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा महिंद्रा थार बरामद की। पुलिस ने बरामद थार को एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया है।

ऐसे करते थे ठगी

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को एपीके फाइल भेजकर उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लेते थे और फिर खातों से रकम ट्रांसफर कर देते थे। इसके अलावा वे लोगों को पैसा डबल-ट्रिपल करने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते और उनके खातों से धोखाधड़ी कर रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे।

आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे सीधे-साधे लोगों को लालच देकर उनके नाम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते, उनसे जुड़े डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, ईमेल आईडी, यूपीआई आईडी तक अपने नियंत्रण में ले लेते थे।

यहां तक कि खातों में दर्ज मोबाइल सिम भी अपने पास रखते थे ताकि ओटीपी उनके पास पहुंचे और वे साइबर अपराध से प्राप्त रकम को आसानी से निकाल सकें। गिरोह के सदस्य फर्जी कंपनियां बनाकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर करंट और बिजनेस खाते खुलवाते थे, ताकि एक बार में बड़ी रकम का लेनदेन किया जा सके।

इन धाराओं में मुकदमा दर्ज

पुलिस ने बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर थाना पटवाई में मु0अ0सं0 149/2026 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस तथा 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह, उपनिरीक्षक दिनेश कुमार, उपनिरीक्षक अनुज कुमार, उपनिरीक्षक अजीत सिंह, हेड कांस्टेबल राम सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल शहादत अली और कांस्टेबल नीरज कुमार शामिल रहे।