बुलंदशहर: बेसमेंट में मौत का कारोबार; प्रशासन का बड़ा एक्शन, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और जिम सील

उप्र के बुलंदशहर जनपद में युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन का बड़ा प्रहार हुआ है।

बुलंदशहर: बेसमेंट में मौत का कारोबार; प्रशासन का बड़ा एक्शन, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और जिम सील
Published By- Diwaker Mishra

बुलंदशहर से सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट

बुलंदशहर/जनमत न्यूज़। उप्र के बुलंदशहर जनपद में युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन का बड़ा प्रहार हुआ है। बेसमेंट में अवैध रूप से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और जिम पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन प्रतिष्ठानों को सील कर दिया।

आरोप है कि ये संस्थान सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर सैकड़ों छात्रों और युवाओं की जान जोखिम में डाल रहे थे। बीकेडीए, फायर विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से संचालकों में हड़कंप मच गया।

लखनऊ के कोचिंग हादसे और देशभर में सामने आए अग्निकांडों के बाद बुलंदशहर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी कड़ी में शहर, सिकंदराबाद और खुर्जा क्षेत्र में संयुक्त टीम ने बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और जिम की जांच की। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते पाए गए।

अधिकारियों के मुताबिक कई स्थानों पर बेसमेंट का उपयोग नियमों के विपरीत व्यवसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। कहीं पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट नहीं थे, तो कहीं अग्निशमन उपकरण या तो नदारद मिले या फिर काम करने की स्थिति में नहीं पाए गए। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।

संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बुलंदशहर शहर में संचालित एक जिम, जबकि सिकंदराबाद और खुर्जा में चल रही कई लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने साफ कहा कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

कार्रवाई के दौरान बीकेडीए, फायर सर्विस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देश दिए कि बिना वैध अनुमति और सुरक्षा इंतजामों के किसी भी प्रकार की गतिविधि संचालित नहीं की जा सकती। साथ ही सभी संस्थानों को फायर सेफ्टी, निकासी मार्ग और भवन सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बेसमेंट में चल रही ये गतिविधियां सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं थीं, बल्कि सैकड़ों छात्रों और युवाओं की जिंदगी को खतरे में डालने का काम कर रही थीं। प्रशासन की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि अब सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।