सीतापुर में कोचिंग, लाइब्रेरी और होटलों पर प्रशासन का छापा; नियमों की अनदेखी पर होगी सीलिंग की कार्रवाई
उप्र की राजधानी लखनऊ के कोचिंग सेंटर जैसे हादसे से सबक लेते हुए सीतापुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. के कड़े रुख के बाद आज जनपद मुख्यालय सीतापुर नगर क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
सीतापुर से अनूप पाण्डेय की रिपोर्ट
सीतापुर/जनमत न्यूज़। उप्र की राजधानी लखनऊ के कोचिंग सेंटर जैसे हादसे से सबक लेते हुए सीतापुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. के कड़े रुख के बाद आज जनपद मुख्यालय सीतापुर नगर क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
पुलिस, सिविल प्रशासन और फायर ब्रिगेड की एक संयुक्त टीम ने शहर में चल रहे कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरियों, होटलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर औचक छापेमारी की।इन मानकों की हुई बारीकी से जांचसंयुक्त टीम ने प्रतिष्ठानों के भीतर घुसकर सुरक्षा इंतजामों की जमीनी हकीकत देखी।
मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं की जांच की गई:
फायर एक्सटिंग्विशर: आग बुझाने वाले सिलेंडर चालू हालत में हैं या सिर्फ दिखावे के लिए टंगे हैं।
इलेक्ट्रिक वायरिंग: शॉर्ट सर्किट के खतरे को टालने के लिए बिजली के तारों और लोड की स्थिति।
इमरजेंसी एग्जिट: आपातकालीन स्थिति में बाहर भागने के लिए रास्ते खुले हैं या बंद।
संकरा रास्ता: कोचिंग और लाइब्रेरियों में बच्चों के आने-जाने वाले रास्तों की चौड़ाई।
लापरवाही मिली तो बंद होंगे संस्थान: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि छात्रों और आम जनता की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन भी संस्थानों में कमियां मिली हैं, उन्हें नोटिस देकर एक निश्चित समय के भीतर व्यवस्था सुधारने को कहा गया है।
तय समय सीमा में मानक पूरे न करने वाले कोचिंग सेंटरों और होटलों को तुरंत सील कर दिया जाएगा और संचालकों पर सख्त कानूनी मुकदमा दर्ज होगा।प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से बिना रजिस्ट्रेशन और बिना सुरक्षा मानकों के बेसमेंट या तंग गलियों में चल रहे कोचिंग संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।


