एटा: यूजीसी कानून के विरोध में उतरा सवर्ण समाज, पैदल मार्च निकालकर ADM को सौंपा ज्ञापन

उप्र के एटा जनपद में सवर्ण समाज के लोगों बड़ी संख्या में एकत्रित होकर यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया है।

एटा: यूजीसी कानून के विरोध में उतरा सवर्ण समाज, पैदल मार्च निकालकर ADM को सौंपा ज्ञापन
Published By- Diwaker Mishra

एटा से नंद कुमार की रिपोर्ट

एटा/जनमत न्यूज़। उप्र के एटा जनपद में सवर्ण समाज के लोगों बड़ी संख्या में एकत्रित होकर यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया है। एटा के शहीद पार्क में सैकड़ो की संख्या में अलग अलग संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया।

शहीद पार्क से लेकर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और तानाशाही नहीं चलेगी नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी सतीश कुमार को लिखित शिकायती पत्र सौंपा है और काला कानून,वापस लो के नारे लगाए।

यूजीसी कानून को वापस लेने की सवर्णों ने पुरजोर मांग उठाई है। देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री के नाम लिखित ज्ञापन उपजिलाधिकारी अतिरिक्त सतीश कुमार को सौंपा गया है।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह चौहान, मनोज पचौरी, करणी सेना के पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से ये प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया है। सैकड़ो की संख्या में सवाल समाज के लोग एकत्रित होकर एटा के सहित पार्क से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।

जहां उन्होंने विरोध जताया जमकर नारेबाजी की हाथ में शक्तियां थाम कर यूजीसी एक्ट बाय काट के पोस्टर थामे युवाओं ने सरकार का जमकर विरोध किया। इस दौरान सवर्ण के युवाओं में खास रोष देखने को मिला है। उन्होंने मांग उठाई है कि सरकार ये कानून वापस ले अन्यथा की स्थिति में उग्र आंदोलन किया जायेगा।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने यह कानून बनाकर हमारे बच्चों को स्वघोषित अपराधी बना दिया है जिसका वह विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि हमारे पुरखों की तमाम विरासत है। किले और जायदाद दान किया। वह सब बेकार हो गया।

आज हम स्वर्ण समाज के लोगों को सरकार कुचलने का काम कर रही है। हमारी मांग है कि कानून को वापस लिया जाए और कानून में संशोधन किया जाए। कमेटी में सवर्ण समाज के लोगों को भी शामिल किया जाय और सबसे अच्छा तो ये है कि सर्वण समाज के अभ्यर्थियों के लिए अलग से शैक्षणिक संस्थानों को बना दिया जाय। उन्होंने कहा आज तक समाज के लोग भाजपा को वोट देते चले आए हैं लेकिन इस कानून ने सभी को झकझोर को कर रख दिया है।

मनोज पचौरी ने इस दौरान यूजीसी एक्ट का विरोध करते हुए कानून को वापस लेने की मांग की उन्होंने कहा यह काला कानून है जो की सवर्ण समाज की आवाज को दबाने के लिए बनाया गया है।

यह कानून अगर वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और भी उग्र होगा अभी तो सांकेतिक प्रदर्शन है फिर सुनियोजित ढंग से प्रदर्शन किया जाएगा। साजन देव वार्ष्णेय ,भानु प्रताप सिंह ,विमल राठौर,सनी चौहान पुष्पेंद्र राठौर सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे