डिजिटल अरेस्ट का डर, पाकिस्तान तक पैसा; दिल्ली पुलिस ने तोड़ा करोड़ों का जाल, कन्नौज से युवक गिरफ्तार

फोन पर पुलिस बनकर धमकाना, आधार को हथियार बनाना और फिर वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट'-ये स्कैम अब सिर्फ डर नहीं, इंटरनेशनल रैकेट बन चुका है।

डिजिटल अरेस्ट का डर, पाकिस्तान तक पैसा; दिल्ली पुलिस ने तोड़ा करोड़ों का जाल, कन्नौज से युवक गिरफ्तार
Published By- Diwaker Mishra

कन्नौज से अश्विनी पाठक की रिपोर्ट

कन्नौज/जनमत न्यूज़। फोन पर पुलिस बनकर धमकाना, आधार को हथियार बनाना और फिर वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट'-ये स्कैम अब सिर्फ डर नहीं, इंटरनेशनल रैकेट बन चुका है। दिल्ली पुलिस ने इस बार सीधे पाकिस्तान तक जुड़े हैंडलर वाले गैंग को तोड़ा है और तीन चेहरे सामने आए हैं।

दिल्ली पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसका लिंक पाकिस्तान बेस्ड हैंडलर से जुड़ा बताया गया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

गिरफ्तार आरोपी कन्नौज जिले के डिपारी गांव का रहने वाला अंकित (23), सैफ अंसारी (24) और मास्टरमाइंड मोहम्मद नूर आलम (24) हैं। पुलिस के मुताबिक इन्होंने म्यूल बैंक अकाउंट का जाल बिछाया और ठगी की रकम को क्रिप्टो चैनल्स के जरिए हैंडलर्स तक पहुंचाया। 

9 से 16 जनवरी के बीच एक शिकायतकर्ता से 15.31 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगों ने खुद को टेलीकॉम और पुलिस अफसर बताया और कहा कि उसका आधार अवैध गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है।

डर के बाद वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे UPI और खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। जांच में पुलिस अंकित और सैफ तक पहुंची, जिन्होंने फ्रॉड ट्रांजैक्शन के लिए अकाउंट दिए थे। आलम ने ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदला था। 

ये पैटर्न नया नहीं है। पूछताछ में सामने आया कि पाकिस्तान और दूसरे देशों में बैठे साइबर अपराधी लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर पैसे ऐंठते थे, और फिर रकम को बैंक खातों से निकालकर हैंडलर्स तक पहुंचाते थे।

इसी कड़ी में कन्नौज में भी साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह पाकिस्तान में बिलाल के संपर्क में था।

वही इस मामले को लेकर अंकित के परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक नोएडा में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था लेकिन उसके परिवार में खाने तक के लाले पड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना से उसका घर बना है, पिता मजदूरी करते हैं। परिवार जनों का कहना है कि उनके बेटे को फसाया गया है। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की बात कही है।