रोजा स्टेशन पर बड़ा हादसा: गरीब रथ की चपेट में बाइक सवार पांच की मौत, दो मासूम भी शामिल

रोजा स्टेशन के निकट अवैध रूप से रेलवे पटरियां पार कर रहे पांच लोग अचानक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और सभी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।

रोजा स्टेशन पर बड़ा हादसा: गरीब रथ की चपेट में बाइक सवार पांच की मौत, दो मासूम भी शामिल
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

शाहजहांपुर से राजीव शुक्ला की रिपोर्ट —

शाहजहांपुर/जनमत न्यूज। बुधवार शाम रोजा स्टेशन के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पटरी पार कर रही एक बाइक अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस की चपेट में आ गई। हादसा शाम करीब साढ़े छह बजे हुआ, जिसमें बाइक सवार पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिससे पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गरीब रथ एक्सप्रेस (12204) अपने निर्धारित समय से करीब दो घंटे देरी से रवाना हुई थी। इसी बीच रोजा स्टेशन के निकट अवैध रूप से रेलवे पटरियां पार कर रहे पांच लोग अचानक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और सभी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।

टक्कर के बाद बाइक ट्रेन में फंस गई, जिसके चलते लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को तत्काल रोक दिया। करीब आधे घंटे तक ट्रेन दुर्घटना स्थल पर ही रुकी रही। स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कराया गया।

मृतकों की पहचान खीरी जिले के उचौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव बनगवां निवासी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पहुंचे तो कोहराम मच गया। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में अक्सर लोग अवैध रूप से पटरियां पार करते हैं, जिसके चलते दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। अब इस हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

यह दर्दनाक घटना ना सिर्फ सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम है, बल्कि लोगों में जागरूकता की कमी भी इसका बड़ा कारण बताई जा रही है। पुलिस एवं रेलवे प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अवैध स्थानों से पटरियां पार न करें और सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों से बचा जा सके।