यूजीसी के विरोध में भदोही कलेक्ट्रेट पर सवर्ण समाज का प्रदर्शन, कानून वापस लेने की मांग

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून अनैतिक है और इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।

यूजीसी के विरोध में भदोही कलेक्ट्रेट पर सवर्ण समाज का प्रदर्शन, कानून वापस लेने की मांग
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

भदोही से आनंद तिवारी की रिपोर्ट —

भदोही/जनमत न्यूज। यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) से जुड़े प्रस्तावित प्रावधानों के विरोध में गुरुवार को भदोही कलेक्ट्रेट परिसर में सवर्ण समाज के हजारों लोगों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह कानून देशहित में नहीं है और इसे जल्द वापस लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि अब तक यूजीसी के बिना भी शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही है और विभिन्न वर्गों के छात्र एक साथ पढ़ते, खेलते और समान वातावरण में आगे बढ़ते रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा संस्थानों तक समावेशी वातावरण बना रहा है, लेकिन नए प्रावधानों से समाज में विभाजन की आशंका है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून अनैतिक है और इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।

सभा को संबोधित करते हुए कुछ वक्ताओं ने पूर्व में लागू कानूनों का हवाला देते हुए आशंका जताई कि उनका दुरुपयोग हुआ है और नए प्रावधानों का भी गलत इस्तेमाल हो सकता है। उन्होंने सरकार से संवाद स्थापित करने और विवादित बिंदुओं पर पुनर्विचार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और नारेबाजी की गई, हालांकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा।

प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और उसे संबंधित स्तर पर भेजा जाएगा। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।