मिर्जापुर: बिंन्ध्यवासिनी धाम में नई व्यवस्था लागू, गर्भ गृह में अब नहीं खींच सकेंगे फोटो व वीडियो

उप्र के मिर्जापुर जनपद स्थित बिंन्ध्यवासिनी धाम में अब फोटो नहीं खींचेगी और ना ही वीडियो बनेगा चाहे श्रद्धालु हो या अधिकारी।

मिर्जापुर: बिंन्ध्यवासिनी धाम में नई व्यवस्था लागू, गर्भ गृह में अब नहीं खींच सकेंगे फोटो व वीडियो
Published By- Diwaker Mishra

मिर्जापुर से आनन्द तिवारी की रिपोर्ट

मिर्जापुर/जनमत न्यूज़। उप्र के मिर्जापुर जनपद स्थित बिंन्ध्यवासिनी धाम में अब फोटो नहीं खींचेगी और ना ही वीडियो बनेगा चाहे श्रद्धालु हो या अधिकारी।

अब तक स्थितियां होती थी कि लोग मंदिर में दर्शन करने जाते थे और गर्भगृह में पहुंच करके अपनी फोटो खींचते थे। इसको लेकर विंध्य पंडा समाज काफी आहत था। पंडा समाज का कहना है कि इससे हमारी आस्था का अपमान होता है।

मां के बगल में खड़े होकर किसी की फोटो खींचने की हिम्मत होती है। क्या हम उनकी बराबरी के हैं? ऐसी स्थिति में हिंदुओं की आस्था जुड़ी है और यह वीडियो फोटो लोग सोशल मीडिया पर डालते हैं और लोग तरह-तरह के अच्छे बुरे कमेंट करते हैं। फोटो अलग करके एडिटेड करके इसका गलत उपयोग होता है।

जिसको लेकर विंध्य पंडा समाजनगर मजिस्ट्रेट व जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा जिसको लेकर अधिकारियों ने संज्ञान लिया और इसके लिए ठोस नियम भी बने यदि जो नहीं मानता है तो उसके लिए न्याय संगत धारा 223 में कार्यवाही भी की जाएगी।

वही पंडा समाज ने कहा कि जो यहां मंदिर में पुजारी हैं उनके लिए एक पास जारी हो। उनके एक निश्चित वस्त्र हो जो हमारी परंपरा पूजा पद्धति से संबंधित है उसके तहत लोग पूजा पाठ करें, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी पंडा को पहचानने में कोई असुविधा न हो।

उसे आई कार्ड पर पण्डा का नाम, फोटो, मोबाइल नंबर आदि दर्ज होगा जिससे यदि कोई भूला भटका भी होगा तो अपने पांडा का नाम बताकर उसके पास पहुंच सकता हैकोई समस्या होती हैतो शिकायत कर सकता है।