अमेरिका ने फिर की ईरान पर बमबारी, धमाकों से दहले कई इलाके; 140 ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान चलाते हुए कहा कि इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की ईरानी क्षमता को कमजोर करना है।

अमेरिका ने फिर की ईरान पर बमबारी, धमाकों से दहले कई इलाके; 140 ठिकानों को बनाया निशाना
Published By- Diwaker Mishra

वॉशिंगटन/तेहरान/जनमत न्यूज़। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान चलाते हुए कहा कि इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की ईरानी क्षमता को कमजोर करना है।

सेंटकॉम के अनुसार कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।अमेरिका ने रविवार (स्थानीय समय) को ईरान पर एक बार फिर सैन्य हमले किए।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है।

सेंटकॉम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई है, ताकि ईरानी बलों को उनके कदमों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके।

अमेरिकी हमलों पर क्या बोला ईरान?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने पिछले 24 घंटों में हुए अमेरिकी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इन हमलों ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के हालिया प्रयासों को कमजोर किया है।

विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश अपनी जमीन या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए करने की अनुमति देता है, तो ऐसे हमलों के स्रोत को ईरानी सशस्त्र बल आत्मरक्षा के तहत "वैध सैन्य लक्ष्य" मान सकते हैं।

मंत्रालय ने मस्कट में हुई वार्ता के नतीजों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के कथित बयान को भी खारिज किया। ईरान ने इसे "पूरी तरह झूठ" बताते हुए कहा कि बातचीत का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन से जुड़े इंतजाम थे। 

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की प्रतिक्रिया की भी आलोचना की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव तथा सुरक्षा परिषद से अमेरिकी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।

अमेरिकी सेना ने हमलों को लेकर क्या कहा?

सेंटकॉम ने कहा, "आज शाम 5 बजे (ईटी) अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान पर एक और दौर के हमले शुरू किए। इनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है। राष्ट्रपति ने ईरानी बलों को जवाबदेह ठहराने के लिए इन हमलों का निर्देश दिया है।"

अमेरिकी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के जास्क, बंदर अब्बास और सीरिक शहरों में तीन विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।

ईरान में 140 ठिकानों को बनाया निशाना

इससे पहले शनिवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस सप्ताह ईरान के खिलाफ तीसरे दौर के हमले पूरे किए थे। सेंटकॉम ने कहा था कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अन्य वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के लिए ईरानी बलों को जवाबदेह ठहराने के उद्देश्य से की गई।

सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जमीन और समुद्र से संचालित लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक जहाजों की मदद से करीब 140 ईरानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। इनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, नौसैनिक ठिकाने, हथियार भंडार, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्र शामिल थे।