छतरपुर की केन नदी पर लिफ्टर की धमक, लाल मौरम का भयावह उत्खनन; प्रशासन की भूमिका संदिग्ध

मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र जिला छत्तरपुर में केन नदी पर खनन माफियाओं की यह बलात लूट है और प्रशासन चुप है क्योंकि खान अधिकारी छतरपुर अमित मिश्रा धृतराष्ट्र की महती भूमिका में है।

छतरपुर की केन नदी पर लिफ्टर की धमक, लाल मौरम का भयावह उत्खनन; प्रशासन की भूमिका संदिग्ध
Published By- Diwaker Mishra

बुंदेलखंड से आशीष सागर दीक्षित की रिपोर्ट

छतरपुर/जनमत न्यूज। मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र जिला छत्तरपुर में केन नदी पर खनन माफियाओं की यह बलात लूट है और प्रशासन चुप है क्योंकि खान अधिकारी छतरपुर अमित मिश्रा धृतराष्ट्र की महती भूमिका में है।

केन नदी मे सीधे लिफ्टर डालकर लाल मौरम का भयावह उत्खनन हो रहा है। छतरपुर जिले के चंदला विधानसभा के बारीखेड़ा घाट मे अवैध उत्खनन का खेल चल रहा है। यहां केन नदी में उतारी गईं भारी प्रतिबंधित लिफ्टर मशीनें वीडियो मे है।

जानकारी मुताबिक जिला छतरपुर मे सरबई (चंदला विधानसभा क्षेत्र) जनपद पंचायत गौरिहार अंतर्गत सरबई से लगभग 18 किलोमीटर दूर स्थित बारीखेड़ा घाट पर केन नदी मे खुलेआम अवैध रेत उत्खनन लिफ्टर से किया जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत बारीखेड़ा के सरपंच जयशरण यादव उर्फ भूरा एवं सचिव की कथित सरपरस्ती में नदी के भीतर लिफ्टर और एलएनटी जैसी भारी मशीनें उतारकर रेत निकाली जा रही है।

ग़ौरतलब है कि यह केन नदी क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों और बुंदेलखंड के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। इसी नदी के जल पर खेती, पशुपालन, पेयजल और पर्यावरण संतुलन निर्भर है। इसी पर केन बेतवा नदी गठजोड़ बांध परियोजना टिकी है।

ऐसे में नदी के भीतर भारी मशीनों से उत्खनन को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। क्या यह सुनियोजित मध्यप्रदेश सरकार का आशीर्वाद है ???