बरेली पुलिस प्रशासन द्वारा न्याय से वंचित महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास, सतर्क पुलिसकर्मियों ने बचाया
उप्र के बरेली जनपद में एसएसपी कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बहेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह का प्रयास किया।
बरेली से अनूप रायजादा की रिपोर्ट
बरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के बरेली जनपद में एसएसपी कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बहेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह का प्रयास किया।
महिला ने अपने ऊपर डीजल उड़ेल लिया और आग लगाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद सतर्क पुलिसकर्मियों ने समय रहते उसे पकड़ लिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।
कई बार लगाई गुहार, नहीं हुई सुनवाई
महिला मीना का आरोप है कि वह लंबे समय से न्याय की मांग को लेकर पुलिस और अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी से आहत होकर वह एसएसपी कार्यालय पहुंची और विरोध स्वरूप आत्मदाह करने का प्रयास किया।
महिला के हाथ में डीजल का डिब्बा देखकर पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। जैसे ही उसने खुद पर डीजल डाला और आग लगाने की कोशिश की, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे काबू में कर लिया। कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पहले एसपी साउथ कार्यालय, फिर जिला अस्पताल भेजी गई महिला
घटना के बाद पुलिस महिला को तुरंत एसपी साउथ अंशिका वर्मा के कार्यालय ले गई। वहां पूछताछ के बाद उसे महिला थाने की पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। एहतियातन महिला को पुलिस सुरक्षा में जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
महिला का कहना है कि उस पर और उसके बेटे पर पहले जानलेवा हमला हुआ था। इसके बावजूद आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उसका आरोप है कि लगातार शिकायतों के बाद भी जब कहीं सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूरी में उसे यह कदम उठाना पड़ा।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है। महिला के आरोपों और उसकी शिकायतों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसएसपी कार्यालय के बाहर हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई।


