दिल्ली ब्लास्ट में नया खुलासा, मुजम्मिल की पत्नी है शाहीन; इसीलिए की भारी-भरकम फंडिंग!

दिल्ली के लालकिला के पास बीते 10 नवंबर को हुए बम विस्फोट की जांच में एक चौंकाने वाला सच  सामने आया है।

दिल्ली ब्लास्ट में नया खुलासा, मुजम्मिल की पत्नी है शाहीन; इसीलिए की भारी-भरकम फंडिंग!
Published By- Diwaker Mishra

नई दिल्ली/जनमत न्यूज़। दिल्ली के लालकिला के पास बीते 10 नवंबर को हुए बम विस्फोट की जांच में एक चौंकाने वाला सच  सामने आया है। गिरफ्तार संदिग्ध मुजम्मिल अहमद गनई ने जांच एजेंसियों को बताया कि सहआरोपी शाहीन शाहिद उसकी पत्नी है, न कि महज प्रेमिका, जैसा कि पहले समझा जा रहा था।

इस दावे ने न केवल मामले के मानवीय पहलू को उजागर किया है, बल्कि शाहीन द्वारा दिए गए भारी-भरकम फंडिंग के पीछे की वजह को भी स्पष्ट करने का प्रयास किया है।

निकाह का दावा और फंडिंग का रहस्य

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुजम्मिल ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि सितंबर 2023 में अल-फलाह विश्वविद्यालय के निकट एक मस्जिद में शाहीन के साथ उसका निकाह हुआ था। इस निकाह में शरिया कानून के अनुसार महर की राशि 5,000 से 6,000 रुपये निर्धारित की गई थी।

इस वैवाहिक संबंध का दावा मामले के उस पहलू को समझाने में महत्वपूर्ण हो सकता है, जिसमें शाहीन ने मुजम्मिल को भारी मात्रा में धन उपलब्ध कराया। जांच के अनुसार, शाहीन ने वर्ष 2023 में मुजम्मिल को हथियार खरीदने के लिए करीब 6.5 लाख रुपये दिए, जबकि 2024 में उमर को फोर्ड इकोस्पोर्ट कार खरीदने के लिए 3 लाख रुपये का लोन दिया।

कुल मिलाकर, जैश-ए-मोहम्मद के इस मॉड्यूल को शाहीन ने हथियारों और विस्फोटकों की खरीद के लिए 27 से 28 लाख रुपये उपलब्ध कराए। हालांकि, पूछताछ में शाहीन ने इन धनराशियों को 'जकात' यानी धार्मिक दान के रूप में पेश किया।

जांच में नई गिरफ्तारी और हथियारों का जाल

एनआईए ने इस साजिश की जांच के दौरान अपनी सातवीं गिरफ्तारी की है। फरीदाबाद के धौज निवासी शोइब को गिरफ्तार किया गया, जिस पर आरोप है कि उसने 10 नवंबर को हुए हमले से ठीक पहले उमर को रहने के लिए जगह दी और लॉजिस्टिक समर्थन दिया।

इसके अलावा, जांच एजेंसियां दक्षिण कश्मीर में सक्रिय एक हथियारों के आपूर्ति तंत्र की पड़ताल कर रही हैं। दक्षिण कश्मीर के बारामूला, श्रीनगर, अनंतनाग और गंदरबल में वर्ष 2016 से सक्रिय ये तथाकथित 'ओवरग्राउंड वर्कर्स' पाकिस्तान स्थित संचालकों के निर्देश पर हथियारों की आपूर्ति और बिक्री का कार्य करते हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन्हीं मॉड्यूलों ने मुजम्मिल और उमर को हमले में प्रयुक्त असॉल्ट हथियार उपलब्ध कराए थे।

जांच का दायरा बढ़ा

NIA ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली बम विस्फोट की साजिश से जुड़े विभिन्न संदिग्धों को पकड़ने के लिए देशभर में कई सुरागों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इस घटना ने न केवल हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को उजागर किया है,

बल्कि यह भी संकेत दिया है कि आतंकी गतिविधियों को वित्तीय और लॉजिस्टिक समर्थन देने वाले नेटवर्क कितने गुप्त और विस्तृत हो सकते हैं। जांच एजेंसियां इन तमाम पहलुओं को और गहराई से खंगाल रही हैं, ताकि साजिश के सभी सूत्रधारों तक पहुंचा जा सके।