उरई: बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे किनारे बनेगा आधुनिक होल्डिंग एरिया व डम्पिंग यार्ड, यातायात प्रबंधन को मिलेगी नई मजबूती

उप्र के उरई जनपद में यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ करने तथा ओवरलोड एवं जब्त वाहनों के सुरक्षित संचालन हेतु बड़ी पहल की गई है।

उरई: बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे किनारे बनेगा आधुनिक होल्डिंग एरिया व डम्पिंग यार्ड, यातायात प्रबंधन को मिलेगी नई मजबूती
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद में यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ करने तथा ओवरलोड एवं जब्त वाहनों के सुरक्षित संचालन हेतु बड़ी पहल की गई है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ग्राम डकोर, परगना एवं तहसील उरई स्थित बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के सर्विस रोड किनारे प्रस्तावित होल्डिंग एरिया एवं डम्पिंग यार्ड निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।

लगभग 161.99 लाख रुपये लागत से स्वीकृत इस महत्वपूर्ण परियोजना को जनपद की आवश्यकता बताते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग सीडी3 को शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्थल की स्थिति का जायजा लेते हुए कहा कि वर्तमान में जनपद में वाहनों को सुरक्षित खड़ा करने के लिए पर्याप्त होल्डिंग एरिया उपलब्ध नहीं है।

ओवरलोड, अवैध परिवहन अथवा अन्य गतिविधियों में पकड़े जाने वाले वाहनों को व्यवस्थित ढंग से रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस होल्डिंग एरिया एवं डम्पिंग यार्ड की स्वीकृति कराई गई है, जिससे भविष्य में वाहनों के सुरक्षित पार्किंग एवं प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले भूमि का समतलीकरण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, ताकि कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण हो सके।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करेगी, बल्कि एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को भी नई दिशा देगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित होल्डिंग एरिया बनने के बाद जब्त वाहनों को व्यवस्थित रूप से रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा, जिससे सड़क किनारे अनियोजित पार्किंग की समस्या समाप्त होगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु बनेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, तहसीलदार श्रीश मिश्रा, लेखपाल आदि सहित सम्बंधित  अधिकारी मौजूद रहे।