काशी विद्यापीठ में छात्रों का धरना, एजेंसी पर गंभीर आरोप; पेपर देने के बाद भी लगाया जा रहा ‘Absent’
उप्र के वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है।
वाराणसी से उमेश सिंह की रिपोर्ट
वाराणसी/जनमत न्यूज़। उप्र के वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से परीक्षा देने के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को “एब्सेंट (Absent)” दिखा दिया जाता है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है और उन्हें मानसिक व शैक्षणिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी समस्या के विरोध में मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की परीक्षा से जुड़ी एजेंसी कई वर्षों से विश्वविद्यालय परिसर के बाहर रहकर कार्य कर रही है, जिसके कारण लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।
छात्रों ने मांग की कि संबंधित एजेंसी को दोबारा विश्वविद्यालय परिसर में लाया जाए, ताकि परीक्षा और परिणाम संबंधी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और छात्रों को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पड़े।
धरने पर बैठे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। छात्रों का कहना है कि उनकी मांग किसी व्यक्तिगत हित की नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से शिवम् यादव ‘भक्ति’, अश्विनी पटेल, नितेश यादव , आर्यन और सौरभ सहित कई छात्र मौजूद रहे।

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